एशियन गेम्स में हिसार से जुड़ी हॉकी खिलाड़ी दीपिका सहरावत ने भी भारतीय टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया। रोहतक के भैसरू खुर्द की मूल निवासी दीपिका का बचपन हिसार में बीता और वह हिसार के खेल परिसर से जुड़ी रही हैं।

एशियन गेम्स-2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने फाइनल में ईरान को 37-34 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही हिसार जिले की बेटी मनीषा रोहिल और निकिता भी एशियाई चैंपियन बनने वाली भारतीय टीम का हिस्सा बनीं। भिवानी रोहिल्ला गांव की मनीषा ने पूरे टूर्नामेंट में टीम के डिफेंस में लेफ्ट कवर की जिम्मेदारी संभाली। भारतीय टीम ने इससे पहले ग्रुप चरण में ईरान को 37-23 और सेमीफाइनल में नेपाल को 48-24 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। हसनगढ़ की निकिता कुमारी ने भी अहम भूमिका निभाई। दोनों बेटियों के फाइनल में बेहतरीन प्रदर्शन करने और सोना जीतने से पूरे प्रदेश और गांव में खुशी का माहौल है। दोनों बेटियों ने सोना जीतने के लिए जान लगा दी।
छोटे से गांव से एशियाई स्वर्ण तक पहुंचीं मनीषा
मनीषा के लिए यह स्वर्ण पदक मेहनत के लंबे सफर का नतीजा है। वह भिवानी रोहिल्ला गांव की रहने वाली हैं और उनके पिता राजपाल किसान हैं। मनीषा ने गांव से कबड्डी का अभ्यास शुरू किया और धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। वह पहले भी राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक जीत चुकी हैं। इसी वर्ष चीन के सान्या में हुई एशियाई कबड्डी स्पर्धा में भी वह भारतीय टीम के साथ स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। धर्मपाल रोहिल उनके शुरुआती कोच रहे। उन्होंने मनीषा को ऐसे ट्रेंड किया कि वो आगे बढ़ती गई। एशियन गेम्स में ईरान के खिलाफ ग्रुप मुकाबले में भी मनीषा ने भारतीय डिफेंस को मजबूती दी थी। उस मुकाबले में भारत ने ईरान को 37-23 से हराया था। मनीषा के प्रदर्शन के साथ ही उनके गांव में भी मैच को लेकर खास उत्साह रहा।
मनीषा के लिए यह स्वर्ण पदक मेहनत के लंबे सफर का नतीजा है। वह भिवानी रोहिल्ला गांव की रहने वाली हैं और उनके पिता राजपाल किसान हैं। मनीषा ने गांव से कबड्डी का अभ्यास शुरू किया और धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। वह पहले भी राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक जीत चुकी हैं। इसी वर्ष चीन के सान्या में हुई एशियाई कबड्डी स्पर्धा में भी वह भारतीय टीम के साथ स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। धर्मपाल रोहिल उनके शुरुआती कोच रहे। उन्होंने मनीषा को ऐसे ट्रेंड किया कि वो आगे बढ़ती गई। एशियन गेम्स में ईरान के खिलाफ ग्रुप मुकाबले में भी मनीषा ने भारतीय डिफेंस को मजबूती दी थी। उस मुकाबले में भारत ने ईरान को 37-23 से हराया था। मनीषा के प्रदर्शन के साथ ही उनके गांव में भी मैच को लेकर खास उत्साह रहा।
हिसार की निकिता भी कबड्डी टीम का हिस्सा
भारतीय महिला कबड्डी टीम में हिसार जिले के हसनगढ़ की निकिता कुमारी भी शामिल हैं। वह लेफ्ट रेडर की भूमिका निभाती हैं। ईरान के खिलाफ ग्रुप मुकाबले में निकिता ने अंतिम समय में मैदान पर उतरकर टीम के लिए 10 महत्वपूर्ण अंक जुटाए थे। उनके खेल के बाद हसनगढ़ में भी परिजनों और ग्रामीणों ने मैच की जीत का जश्न मनाया था। अब सोना जीतने से और खुशी का माहौल हो गया है।
भारतीय महिला कबड्डी टीम में हिसार जिले के हसनगढ़ की निकिता कुमारी भी शामिल हैं। वह लेफ्ट रेडर की भूमिका निभाती हैं। ईरान के खिलाफ ग्रुप मुकाबले में निकिता ने अंतिम समय में मैदान पर उतरकर टीम के लिए 10 महत्वपूर्ण अंक जुटाए थे। उनके खेल के बाद हसनगढ़ में भी परिजनों और ग्रामीणों ने मैच की जीत का जश्न मनाया था। अब सोना जीतने से और खुशी का माहौल हो गया है।
हॉकी में भी हिसार से जुड़ी दीपिका ने दिखाया दम
एशियन गेम्स में हिसार से जुड़ी हॉकी खिलाड़ी दीपिका सहरावत ने भी भारतीय टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया। रोहतक के भैसरू खुर्द की मूल निवासी दीपिका का बचपन हिसार में बीता और वह हिसार के खेल परिसर से जुड़ी रही हैं। एशियाड के शुरुआती मुकाबले में उन्होंने उज्बेकिस्तान के खिलाफ आठ गोल दागे। इसके बाद थाईलैंड के खिलाफ 20-1 की जीत में अकेले नौ गोल कर नया रिकॉर्ड बनाया। एक एशियन गेम्स मैच में नौ गोल करने वाली वह पहली भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी बनीं। इस तरह एशियन गेम्स में हिसार जोन से जुड़ी खिलाड़ियों ने अलग-अलग खेलों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। कबड्डी में मनीषा और निकिता भारतीय टीम के स्वर्णिम अभियान का हिस्सा बनीं, जबकि हॉकी में दीपिका के रिकॉर्ड गोल ने देश के साथ हिसार का भी नाम रोशन किया।
एशियन गेम्स में हिसार से जुड़ी हॉकी खिलाड़ी दीपिका सहरावत ने भी भारतीय टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया। रोहतक के भैसरू खुर्द की मूल निवासी दीपिका का बचपन हिसार में बीता और वह हिसार के खेल परिसर से जुड़ी रही हैं। एशियाड के शुरुआती मुकाबले में उन्होंने उज्बेकिस्तान के खिलाफ आठ गोल दागे। इसके बाद थाईलैंड के खिलाफ 20-1 की जीत में अकेले नौ गोल कर नया रिकॉर्ड बनाया। एक एशियन गेम्स मैच में नौ गोल करने वाली वह पहली भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी बनीं। इस तरह एशियन गेम्स में हिसार जोन से जुड़ी खिलाड़ियों ने अलग-अलग खेलों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। कबड्डी में मनीषा और निकिता भारतीय टीम के स्वर्णिम अभियान का हिस्सा बनीं, जबकि हॉकी में दीपिका के रिकॉर्ड गोल ने देश के साथ हिसार का भी नाम रोशन किया।
