2022 के विधानसभा चुनाव में सरबजीत कौर माणुके ने 65,195 वोट हासिल कर 52.45 फीसदी वोट शेयर के साथ जीत दर्ज की थी। अकाली दल के एसआर कलेर 25,539 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहे थे। इससे पहले 2017 में भी माणुके ने 61,521 वोट लेकर जीत हासिल की थी।

विधानसभा चुनाव 2027 में अभी समय है लेकिन जगरांव में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। टिकट की दौड़ में शामिल नेताओं ने लोगों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी है। कोई सड़क पर सफाई अभियान से जुड़ रहा है तो कोई धार्मिक समारोहों में लगातार उपस्थिति दर्ज करवा रहा है। दावेदारों ने अपनी जमीन तैयार करनी शुरू कर दी है।
2022 के विधानसभा चुनाव में सरबजीत कौर माणुके ने 65,195 वोट हासिल कर 52.45 फीसदी वोट शेयर के साथ जीत दर्ज की थी। अकाली दल के एसआर कलेर 25,539 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहे थे। इससे पहले 2017 में भी माणुके ने 61,521 वोट लेकर जीत हासिल की थी। वह जगरांव से विधानसभा चुनाव जीतने वाली पहली महिला विधायक बनी थीं। 1977 से 2017 तक हुए नौ विधानसभा चुनावों में अकाली दल ने पांच बार और कांग्रेस ने तीन बार जीत हासिल की।
निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं स्थानीय मुद्दे
जगरांव की चुनावी राजनीति में इस बार स्थानीय मुद्दे निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। कमल चौक, दाना मंडी, नेहरू मार्केट और सब्जी मंडी रोड पर पानी की निकासी की समस्या लंबे समय से लोगों की परेशानी बनी हुई है। विकास कार्यों को लेकर लोगों की नाराजगी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।
मौजूदा विधायक पानी की निकासी का वादा पूरा करने में असफल रही हैं। यह 2022 में जगरांव शहर का सबसे बड़ा मुद्दा था जिसको लेकर विधायक ने शपथ पत्र तक दिया था। जगरांव में बड़े अंतर से ज्यादा अहम अंतिम दौर की रणनीति और उम्मीदवार की व्यक्तिगत पकड़ रहती है। पंथक मुद्दों को लेकर पैदा हुए नए राजनीतिक समीकरण भी चुनावी हवा का रुख प्रभावित कर सकते हैं। असली लड़ाई टिकट मिलने के बाद शुरू होगी। जगरांव में उम्मीदवार की व्यक्तिगत पकड़, स्थानीय मुद्दे और वोटों का बंटवारा 2027 के चुनाव का परिणाम तय करने में सबसे बड़ा कारक बन सकते हैं।
आप विधायक सरबजीत कौर माणुके का कहना है कि उन्होंने इलाके के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी है। जो काम बच गए हैं उनको भी पहल के आधार पर पूरा कराया जा रहा है। जहां तक कमल चौक में पानी की निकासी का मामला है, वहां पर भी लोगों को शीघ्र ही इस समस्या से निजात मिलेगी। इस काम के लिए 12 करोड़ रुपये पास हो चुके हैं, जल्द काम शुरू होगा। इसमें 10 करोड़ रुपये सरकार देगी जबकि 2 करोड़ नगर काउंसिल देगी। इसके अलावा भी लोगों की आम समस्याओं का तुरंत समाधान किया जा रहा है।