अमेरिका के वायोमिंग राज्य में कैलिफोर्निया के पंजाबी सिख ट्रक चालक पर इंटरस्टेट-80 हाईवे के पास एक विश्राम स्थल के बाथरूम में हमला किया गया।
अमेरिका के वायोमिंग राज्य में कैलिफोर्निया के पंजाबी सिख ट्रक चालक पर चाकू से जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। इंटरस्टेट-80 हाईवे के पास एक विश्राम स्थल के बाथरूम में घुसे हमलावर ने पहले चालक के सिर और गर्दन पर मुक्के मारे, फिर उसकी बाजुओं, छाती और पसलियों पर चाकू से कई वार किए।
सिंह ने बताया कि उसे लगा कि अब उसका आखिरी समय आ गया है। खून बहने के बावजूद उसने हमलावर से बचने के लिए संघर्ष जारी रखा। इसी दौरान फिसलन भरे फर्श पर आरोपी का पैर फिसल गया। इसके बाद वह बाथरूम से बाहर निकला और अपने ट्रक में बैठकर मौके से फरार हो गया। घायल सिंह मदद के लिए अंधेरे पार्किंग क्षेत्र की ओर निकला और अपने फोन से 911 पर कॉल किया।
इसी दौरान उसे वहां एक परिवार दिखाई दिया। उसने परिवार को अपने ऊपर हुए हमले की जानकारी दी और मदद मांगी। सिंह के अनुसार, परिवार ने हमलावर का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन बाद में वापस आकर उसकी सहायता की। परिवार के सदस्य एंबुलेंस आने तक उसके साथ रहे। सिंह ने उनकी मदद के लिए आभार जताया।
पुलिस के अनुसार, उसे बिना किसी विरोध के हिरासत में लिया गया। आरोपी स्वीटवॉटर काउंटी डिटेंशन सेंटर में बंद है और उस पर हत्या के प्रयास का आरोप लगाया गया है। शेरिफ कार्यालय के जनसूचना अधिकारी जेफ शीमन ने बताया कि फिलहाल हमले के पीछे कोई ज्ञात वजह सामने नहीं आई है और आम जनता के लिए कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक पुलिस अतिरिक्त जानकारी जारी नहीं करेगी। यह हमला अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग की एक विवादित सोशल मीडिया पोस्ट के कुछ दिन बाद हुआ।
विभाग ने एक्स पर एक पोस्ट साझा की थी, जिसमें दाढ़ी वाले व्यक्ति और ऑप्टिमस प्राइम की तस्वीर के साथ आप्रवासन और ट्रक चालकों को लेकर आपत्तिजनक संदेश दिया गया था। पोस्ट में सिंह नाम का उल्लेख भी किया गया था। कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूसम और भारतीय-अमेरिकी संगठनों ने इस पोस्ट की आलोचना करते हुए इसे सिख समुदाय को निशाना बनाने वाला नस्लवादी प्रचार बताया था। गृह सुरक्षा विभाग ने कहा था कि पोस्ट का उद्देश्य फ्लोरिडा में एक घातक सड़क दुर्घटना से जुड़े ट्रक चालक हरजिंदर सिंह को दर्शाना था।
फ्रेस्नो स्थित जकारा मूवमेंट के कानूनी सेवा निदेशक और वकील जसजीत सिंह धनोआ ने कहा कि पुलिस ने हमले के पीछे कोई वजह स्पष्ट नहीं की है, लेकिन समुदाय इस घटना को उस माहौल से अलग करके नहीं देख सकता जिसमें यह हुई। उन्होंने कहा कि जब संघीय सरकार सिख नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर ऐसे संदेश देती है कि उनके जैसे लोग अमेरिका की सड़कों पर नहीं होने चाहिए, तो समुदाय को उस बयानबाजी से पैदा होने वाले माहौल को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है। धनोआ ने अस्पताल में घायल सिंह से मुलाकात भी की और बताया कि संगठन उसके ठीक होने तथा कानूनी प्रक्रिया में सहायता कर रहा है। उन्होंने सभी पंजाबी सिख और प्रवासी ट्रक चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया। वहीं, गृह सुरक्षा विभाग ने एनपीआर से कहा कि किसी असंबंधित हमले के लिए विभाग को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश गलत और गैर-जिम्मेदाराना है। सिंह ने बताया कि हमले में उसके शरीर पर कुल 17 चोटें आई हैं, जिनमें पसली की गंभीर चोट भी शामिल है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसके एक्स-रे और अन्य चिकित्सकीय परीक्षण किए गए। उसने उम्मीद जताई कि जल्द अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी।