पंजाब के पांच बार मुख्यमंत्री रहे प्रकाश सिंह बादल का ससुराल भुच्चो मंडी के गांव चक्क फतह सिंह वाला में है। इस कारण लंबे समय तक इस हलके में शिरोमणि अकाली दल का काफी प्रभाव रहा था। यह हलका ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ा है।

आरक्षित भुच्चो मंडी विधानसभा हलके में 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस बार नशा, लूटपाट, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी मुख्य चुनावी मुद्दे बन सकते हैं।
साल 2002 में जब भुच्चो मंडी क्षेत्र नथाना विधानसभा के अधीन था, तब शिरोमणि अकाली दल के गुरा सिंह ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2007 में कांग्रेस के अजायब सिंह भट्टी ने विजय हासिल की। 2012 में भुच्चो को विधानसभा क्षेत्र बनाए जाने के बाद भी अजायब सिंह भट्टी ने दूसरी बार जीत दर्ज की। 2017 में कांग्रेस के प्रीतम सिंह कोटभाई ने यह सीट जीती थी। भुच्चो मंडी हलके के मौजूदा विधायक आम आदमी पार्टी के मास्टर जगसीर सिंह हैं।
उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के दर्शन को 50,212 मतों के अंतर से हराया था। कांग्रेस के प्रत्याशी प्रीतम सिंह कोटभाई को 20,681 मत मिले थे। भाजपा को केवल 2,330 मतों से संतोष करना पड़ा था। इस चुनाव में शिरोमणि अकाली दल दूसरे स्थान पर रहा था। लगातार तीन बार जीतने वाली कांग्रेस तीसरे स्थान पर खिसक गई थी।
मतदाताओं की जुबानी
भुच्चो मंडी हलके के छात्र आकाशदीप सिंह, किसान गुरविंदर सिंह और व्यापारी मनोज कुमार ने कहा कि 2022 में लोगों ने बदलाव के नाम पर आम आदमी पार्टी को सत्ता में लाया था लेकिन सत्ता में आने के बाद बदलाव नहीं आया, बल्कि पुरानी सरकारों की याद ताजा हो गई। इन लोगों के अनुसार, हलके में सरेआम नशा मिल रहा है। लूटपाट की वारदातें बढ़ रही हैं। भ्रष्टाचार व्याप्त है और बेरोजगारी तेजी से फैल रही है।
विपक्ष के आरोप और विधायक का तर्क
शिरोमणि अकाली दल के प्रत्याशी डॉक्टर दलजीत सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने लोगों को गुमराह कर जीत हासिल की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बदलाव के नाम पर भ्रष्टाचार के जरिये लोगों को लूटा जा रहा है।