आप विधायक ने दावा किया कि पंजाब के लोग 2015 की बेअदबी और गोलीकांड के दोषियों को कभी माफ नहीं करेंगे। उन्होंने मांग की कि एसआईटी यह साफ करे कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई का आदेश किसने दिया था।

आम आदमी पार्टी पंजाब के विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने भाजपा-अकाली सरकार पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता की रक्षा करने में नाकाम रहने का तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि सरकार की देखरेख में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की चोरी और बार-बार बेअदबी की घटनाएं हुईं, जिसके बाद पुलिस ने कोटकपूरा और बहबल कलां में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं। उन्होंने कहा कि 2015 की घटनाएं आज भी पंजाबियों के दिलों में एक गहरा घाव हैं, क्योंकि अकाली दल बादल ने भाजपा के साथ मिलकर सत्ता में रहते हुए अपने राजनीतिक फायदे के लिए श्री गुरु ग्रंथ साहिब और पंथ का इस्तेमाल किया। अब इस काले अध्याय के बावजूद, बेअदबी और गोलीकांड के मामलों में राजनीतिक रूप से बने रहने और पंजाब में तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की कोशिशों को आगे बढ़ाने के लिए भाजपा-अकाली गठबंधन को फिर से खड़ा करने की कोशिशें की जा रही हैं।
विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने कहा कि कोटकपूरा में शांति से लोग जमा हुए थे, जहाँ अरदास और कीर्तन हो रहा था, लेकिन प्रदर्शनकारियों पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। विधायक ने कहा कि वह खुद उस विरोध प्रदर्शन में मौजूद थे। उन्होंने कहा, “एसआईटी ने कोटकपूरा गोलीकांड केस में पहले ही चार्जशीट फाइल कर दी है, जिसमें सुखबीर बादल, चरणजीत शर्मा, परमराज सिंह उमरानंगल और सुमेध सिंह सैनी पर कानूनी कार्रवाई चल रही है और वे अभी बेल पर बाहर हैं। एसआईटी के सामने मुख्य सवाल यह है कि गोलीकांड का ऑर्डर किसने दिया और शांति से प्रदर्शन कर रहे लोगों को हटाने के निर्देश किसने दिए।”
आप विधायक ने ध्यान दिलवाया कि 14 अक्टूबर को बहबल कलां में हुई घटनाएं और भी दुखद थीं, जहाँ दो नौजवान, कृष्ण भगवान सिंह और गुरजीत सिंह, शांति से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस गोलीकांड में मारे गए थे। सुखबीर बादल ने बार-बार दावा किया है कि वह उस समय पंजाब में नहीं थे। लेकिन उनकी ज़मानत से जुड़े कोर्ट के कागज़ात बताते हैं कि सुखबीर बादल पंजाब में मौजूद थे और एक फाइव-स्टार होटल में रुके हुए थे। वहीं से चरणजीत शर्मा, परमराज सिंह उमरानंगल और सुमेध सिंह सैनी समेत सीनियर पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए जा रहे थे। पंजाब के लोग जानना चाहते हैं कि गोली चलाने का आदेश किसने दिया और प्रदर्शनकारियों को हटाने के निर्देश किसने दिए। सुखबीर बादल ने खुद श्री अकाल तख्त साहिब के सामने इन घटनाओं में अपनी भूमिका को रोल कबूल किया था।