गोरखपुर स्थित गर्ल्स हॉस्टल के बाथरूम में मोबाइल फोन मिलने से हड़कंप मच गया। इस मोबाइल फोन का कैमरा ऑन था और रिकॉर्डिंग हो रही थी। आठ सितंबर की रात में बाथरूम में मोबाइल रखे होने का खुलासा हुआ।

गोरखपुर के कैंट क्षेत्र के मोहद्दीपुर स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल के बाथरूम में रिकॉर्डिंग मोड में मोबाइल मिलने से मंगलवार देर रात हड़कंप मच गया। एक छात्रा की सूचना पर डायल 112 की पीआरवी और कैंट थाने की पुलिस मौके पर पहुंची।
छात्रा ने आरोप लगाया कि बाथरूम में छिपाकर रखे गए मोबाइल से छात्राओं की रिकॉर्डिंग की जा रही थी। पुलिस ने मोबाइल कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, हॉस्टल में करीब 20 कमरों में 26 छात्राएं रहती हैं।
इनमें शहर के विभिन्न कॉलेजों में पढ़ने वाली और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाली छात्राएं शामिल हैं। छात्राओं के अनुसार, आठ सितंबर की रात एक छात्रा बाथरूम गई थी। इसी दौरान उसकी नजर टीन शेड में फंसे मोबाइल पर पड़ी।
चालू था मोबाइल का कैमरा
मोबाइल का कैमरा चालू था और उसका रुख शौचालय की ओर था। छात्रा ने पहले अपने मोबाइल से इसका वीडियो बनाया और फिर अन्य छात्राओं को जानकारी दी। मोबाइल की जांच करने पर उसमें कुछ छात्राओं के बाथरूम में होने के वीडियो मिलने का दावा किया गया।
मोबाइल का कैमरा चालू था और उसका रुख शौचालय की ओर था। छात्रा ने पहले अपने मोबाइल से इसका वीडियो बनाया और फिर अन्य छात्राओं को जानकारी दी। मोबाइल की जांच करने पर उसमें कुछ छात्राओं के बाथरूम में होने के वीडियो मिलने का दावा किया गया।
इसके बाद छात्राओं ने पुलिस को सूचना दी। रात करीब 12 बजे पुलिस टीम हॉस्टल पहुंची। इस दौरान काफी देर तक हंगामा चलता रहा। कुछ छात्राओं ने अपने परिजनों को भी घटना की जानकारी दी।
वार्डेन ने बताई ये वजह
पुलिस की पूछताछ में हॉस्टल की वार्डेन ने मोबाइल बाथरूम में रखने की बात स्वीकार की। उनका कहना था कि छात्राओं के लिए सैनिटरी पैड डालने को डस्टबिन रखा गया है लेकिन इसके बावजूद कुछ छात्राएं पैड इधर-उधर फेंक देती थीं। इसी वजह से गंदगी की स्थिति का पता लगाने के लिए मोबाइल को रात करीब 10 बजे रिकॉर्डिंग मोड में रखे जाने की बात उन्होंने बताई।
पुलिस की पूछताछ में हॉस्टल की वार्डेन ने मोबाइल बाथरूम में रखने की बात स्वीकार की। उनका कहना था कि छात्राओं के लिए सैनिटरी पैड डालने को डस्टबिन रखा गया है लेकिन इसके बावजूद कुछ छात्राएं पैड इधर-उधर फेंक देती थीं। इसी वजह से गंदगी की स्थिति का पता लगाने के लिए मोबाइल को रात करीब 10 बजे रिकॉर्डिंग मोड में रखे जाने की बात उन्होंने बताई।
वार्डेन ने पुलिस को यह भी कहा कि उनकी कोई गलत मंशा नहीं थी। पुलिस ने मोबाइल को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वायरल बताए जा रहे वीडियो की भी जांच की जाएगी। हॉस्टल संचालिका कई वर्षों से किराये के मकान में हॉस्टल चलाती हैं। मकान मालिक ने पुलिस को बताया कि इससे पहले ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली थी।
सूचना पर पुलिस टीम मौके पर गई थी। मोबाइल कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। तहरीर मिलने पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।– निमिष पाटील, एसपी सिटी