खैर क्षेत्र में कारोबार से जुड़े काम के लिए गूगल पर नंबर सर्च करना एक व्यापारी को महंगा पड़ गया। साइबर ठगों ने बड़ी कंपनी से जुड़कर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर उनसे अलग-अलग किस्तों में 18.74 लाख रुपये ठग लिए। ठगी का अहसास तब हुआ, जब रकम वापस मांगने पर आरोपियों ने पांच लाख रुपये और जमा करने की मांग कर दी।

खैर के गांव मालीपुरा निवासी व्यापारी सतीश सैनी को कारोबार से संबंधित काम के लिए एक नंबर की जरूरत थी। उन्होंने गूगल पर नंबर तलाशा। इसके कुछ देर बाद उनके पास एक अज्ञात नंबर से महिला का फोन आया। महिला ने खुद को एक बड़ी कंपनी का प्रतिनिधि बताया और कंपनी से जुड़कर अच्छा मुनाफा कमाने का लालच दिया। उसकी बातों में आकर व्यापारी साइबर ठगों के जाल में फंस गए।
आरोपियों के कहने पर सतीश ने पांच अगस्त से एक सितंबर के बीच अलग-अलग बैंक खातों में कुल 18,74,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। मुनाफे के साथ रकम वापस मिलने की उम्मीद में वह लगातार पैसे भेजते रहे। बाद में जब उन्होंने अपनी रकम और मुनाफा वापस मांगा तो आरोपियों ने पांच लाख रुपये और जमा करने के लिए कहा। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
व्यापारी ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। एसपी क्राइम ममता कुरील ने बताया कि अज्ञात साइबर अपराधियों की तलाश की जा रही है।