पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा की रविवार को दिड़बा के गांव तूरबंजारा में एक जनसभा थी। इसी दाैरान एक शख्स को अपनी बात नहीं रखने दी गई। इस पर वह इतना आहत हो गया कि घर जाकर जहर खा लिया। उसकी माैत हो गई है।

संगरूर के दिड़बा हलके के गांव तूरबंजारा में नशे के मुद्दे पर सवाल उठाने वाले गुलजार सिंह की मौत हो गई है। परिजनों ने सार्वजनिक अपमान और पुलिस द्वारा माफी मांगने के दबाव को उनकी मौत का कारण बताया है। यह घटना वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की जनसभा के दौरान हुई।
परिजनों के अनुसार, रविवार को वित्त मंत्री की जनसभा में गुलजार सिंह ने नशे के कारोबार पर सवाल उठाया था। उन्हें तुरंत चुप कराकर सभा से बाहर कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद पुलिस ने उन पर माफी मांगने का मानसिक दबाव बनाया। सार्वजनिक अपमान और पुलिसिया दबाव से वे गहरे मानसिक आघात में चले गए। इसी ठेस में उन्होंने जहरीला पदार्थ निगल लिया।
किसान संगठन ने की निंदा
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के प्रदेशाध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सरकार के रवैये की निंदा की। उगराहां ने कहा कि सरकार को लोगों की भावनाओं को समझना चाहिए। उन्होंने इसे बेहद शर्मनाक और अमानवीय बताया। इस मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।