लखीमपुर खीरी जिले में शारदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी का जलस्तर बढ़ने से पलिया, भीरा और बिजुआ क्षेत्र के कई गांवों में पानी घुस गया। कई रास्ते जलमग्न होने से आवागमन भी प्रभावित हुआ। उधर, तिकुनिया क्षेत्र में मोहाना और धौरहरा में घाघरा नदी का कटान तेज हो गया है। बाढ़ और कटान से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
बनबसा बैराज से मंगलवार को 1.91 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद लखीमपुर खीरी जिले में शारदा नदी बुधवार शाम खतरे के निशान से 32 सेंटीमीटर ऊपर बहने लगी। जलस्तर बढ़ने से पलिया, भीरा और विजुआ क्षेत्र के कई गांवों में पानी घुस गया। उधर, तिकुनिया क्षेत्र में मोहाना और धौरहरा में घाघरा नदी की कटान तेज हो गई है। निघासन क्षेत्र जसनगर में मोहाना नदी के आए पानी से घिरे कई घरों को खाली कराकर ग्रामीणों को प्रशासन सुरक्षित स्थानों पर भेज रहा है। वहीं अत्यधिक वर्षा, जलभराव एवं अतिवृष्टि की आशंका को देखते हुए बीएसए प्रवीण तिवारी ने जिले में कक्षा एक से आठ तक के विद्यालयों में तीन सितंबर को अवकाश घोषित कर दिया है।

पलिया तहसील के कई गांवों में पानी
पलिया तहसील की ग्राम पंचायत शाहपुर के मजरा ढकिया, कुंवरपुर, नरायनपुरवा, बझेड़ा समेत कई गांवों में पानी घुस गया। बाढ़ के बीच दिक्कतों से जूझते हुए नरायनपुरवा गांव का परिवार नाव पर खाना बनाते दिखा। कुंवरपुर खुर्द के 30 से 40 घरों में पानी भर गया। कई परिवार छतों पर रहने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि हर साल शारदा के उफान पर गांव में पानी भरता है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जाता।
दूषित पानी पीने को मजबूर ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि लेखपाल और कानूनगो मौके पर पहुंचे, लेकिन समस्याएं सुने बिना लौट गए। राहत सामग्री और खाने-पीने की व्यवस्था भी नहीं की गई। जलभराव के कारण लोग दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी गांव नहीं पहुंची है। प्रभावित ग्रामीणों में शिवकुमार, श्रवण, विनोद, राकेश, महेश, अमित, विष्णु, राजाराम, अनिल, रामप्रसाद, धर्मेंद्र, गयाप्रसाद, संजय, राजकिशोर, पप्पू, गजराज, दीनबंधु और मुलाई आदि शामिल हैं। एसडीएम पुष्पक ने बताया कि लेखपाल को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित क्षेत्र में नाव की व्यवस्था भी कराई जाएगी। ग्रामीणों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
बिजुआ ब्लॉक के इन गांवों में बाढ़
बिजुआ ब्लॉक के बझेड़ा, करसौर, गुजरा, कोरियाना, सिंघिया एहतमाली व गैर एहतमाली, बेचेपुरवा, मिस्त्रीपुरवा, ढकिया कलां, रेवतीपुरवा, दौलतापुर, रड़ा देवरिया, रामपुर, जंगल नंबर सात, इमलिया फार्म, कांप एलनगंज समेत कई गांव बाढ़ प्रभावित हैं। कई गांवों में पानी घुस चुका है। ग्रामीणों के सामने आवागमन, पशुओं के चारे और सुरक्षित स्थान पर जाने की समस्या है। ग्रामीणों ने नाव, राहत सामग्री, पशु चारा और सुरक्षित स्थानों की व्यवस्था कराने की मांग की है। तहसीलदार अरुण कुमार ने बताया कि अभी स्थिति सामान्य है। लेखपालों को लगातार मौके पर रहकर रिपोर्ट भेजने के लिए कहा है।
पलिया से नगला मार्ग पर आठ से 10 इंच तक बह रहा पानी
पलिया से नगला जाने वाले रास्ते पर पानी बह रहा है। कर्बला के पास रपटा पुल और खेरना मार्ग पर भी पानी का बहाव है। अतरिया रेलवे क्रॉसिंग के पास मेला जाने वाले रास्ते पर दो जगह एक से डेढ़ फीट पानी बह रहा है। पलिया-भीरा मार्ग पर बोझवा के आगे बने रपटा पुल पर भी पानी का हल्का बहाव है। हालांकि अभी तक बाढ़ का पानी किसी गांव के रिहायशी इलाके तक नहीं पहुंचा है।
मटहिया के पास पहुंचा पानी, नाव बनी सहारा
पलियाकलां की ग्राम पंचायत मटहिया के बोझवा जीरो ठोकर के पास रेलवे लाइन के किनारे बाढ़ का पानी गांव के नजदीक पहुंच गया है। ग्रामीणों को घरों में पानी घुसने की आशंका है। खेतों की ओर जाने और मवेशियों के लिए चारा लाने के लिए ग्रामीण नाव का सहारा ले रहे हैं।
जमुआरी नदी बढ़ी, कई गांवों का संपर्क कटा
फरधान क्षेत्र में दो दिनों से हो रही बारिश से जमुआरी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इससे परसेहराबुजुर्ग, जगन्नाथपुर और शंकरपुर आदि गांवों के लोगों का फरधान आना-जाना बंद हो गया है। ग्रामीणों को दूसरे रास्ते से 10 से 15 किलोमीटर अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। पुलिया के ऊपर सड़क पर पांच से छह फुट पानी बह रहा है। लखीमपुर मार्ग से सिकटिहा गांव होते हुए परसेहराबुजुर्ग के मुख्य मार्ग पर जमुआरी नदी का पानी बुधवार को पुलिया के ऊपर से बहने लगा। इससे फरधान कॉलेज जाने वाले बच्चों का आवागमन भी बंद हो गया। परसेहराबुजुर्ग निवासी मोबीन अली, तोहीद अली, सिराज अली, अखिलेश कुमार, सुमित तिवारी, सुधीर दिक्षित, दलजीत और जितेंद्र कुमार आदि ने बताया कि पुलिया की सफाई नहीं होती। इसलिए थोड़ी बारिश में ही पानी सड़क पर बहने लगता है।
घरों के दरवाजे तक पहुंची घाघरा नदी, सामान समेटने लगे ग्रामीण
धौरहरा तहसील क्षेत्र के ब्लॉक ईसानगर के चकदहा गांव में घाघरा नदी का कटान अब घरों के दरवाजे तक पहुंच गया है। बीते 24 घंटे में नदी करीब 20 घरों के बेहद नजदीक पहुंच गई। खतरे को देखते हुए ग्रामीण घरों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं। आरोप है कि कटान लगातार बढ़ने के बावजूद तहसील प्रशासन और बाढ़ खंड विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस बचाव कार्य शुरू नहीं किया गया है।
पानी बढ़ा तो छूट गए घर, मंडी समिति में कट रही रातें
घरों में पानी घुसा तो जसनगर और नया पिंड के करीब 35 परिवारों को आशियाना छोड़ना पड़ा। बच्चों, सामान और मवेशियों को लेकर परिवार सुरक्षित ठिकानों की तलाश में निकले। फिलहाल ज्यादातर परिवार तिकुनिया मंडी समिति में शरण लिए हुए हैं। कुछ परिवारों ने सरकारी स्कूलों में जगह ली है। ग्रामीणों का कहना है कि राहत के नाम पर उन्हें सिर्फ लंच पैकेट मिल रहे हैं। वह भी नियमित नहीं।