
साढौरा (आरक्षित) विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक राजपाल भूखड़ी (55) का रविवार सुबह अचानक निधन हो गया। वे हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी संजय दत्त की कार्यकर्ताओं के साथ प्रस्तावित बैठक में शामिल होने की तैयारी कर रहे थे।
राजपाल भूखड़ी वर्ष 2009 से 2014 तक साढौरा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके थे। वर्ष 2009 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने 47,263 मत हासिल कर जीत दर्ज की थी। अपने कार्यकाल में उन्होंने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया और सदन में सक्रिय एवं मुखर विधायकों में उनकी पहचान बनी। वर्ष 2014 में कांग्रेस ने उन पर दोबारा भरोसा जताते हुए टिकट दिया, लेकिन इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी बलवंत सिंह ने उन्हें पराजित कर दिया।
सैलजा के कट्टर समर्थक थे राजपाल
भूखड़ी कांग्रेस की वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा के करीबी समर्थकों में गिने जाते थे। लगभग 12 वर्ष पहले विधानसभा चुनाव के दौरान सैलजा ने उन्हें अपने स्तर पर साढौरा से कांग्रेस का प्रत्याशी घोषित किया था। वह समय-समय पर तत्कालीन हुड्डा सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते रहे।
भूखड़ी का कहना था कि कुमारी सैलजा के प्रयासों से उनके विधानसभा क्षेत्र में कई विकास कार्य संभव हो सके। वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में भी उनका नाम कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों के पैनल में शामिल था, लेकिन पार्टी ने अंततः जिला परिषद की तत्कालीन चेयरमैन रेणू बाला को प्रत्याशी बनाया। इसके बावजूद भूखड़ी संगठन और पार्टी गतिविधियों में सक्रिय बने रहे तथा कार्यकर्ताओं के बीच उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी। इसलिए गत नगर निगम यमुनानगर- जगाधरीचुनाव में राजपाल भूखड़ी की पत्नी को मेयर प्रत्याशी बनाया गया था।