SIR in Chandigarh: 25 हजार वोटर्स का रिकाॅर्ड से नहीं हो पाया मिलान, नाम कटने की आशंका; 50 प्रतिशत काम पूरा

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चंडीगढ़ में कुल 5.16 लाख मतदाताओं की मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण किया जा रहा है। अभियान के तहत अब तक लगभग 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। निर्वाचन विभाग को अब तक करीब 2.59 लाख एन्यूमरेशन फॉर्म वापस प्राप्त हो चुके हैं, जिनकी जांच और सत्यापन का कार्य तेजी से चल रहा है।

SIR in Chandigarh Records for 25000 voters could not be matched 50 percent of work is complete

चंडीगढ़ में निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटने की संभावना बन गई है।

अब तक की समीक्षा में करीब 25 हजार ऐसे मतदाताओं की पहचान हुई है, जिनके एन्यूमरेशन फॉर्म का मिलान न तो वर्ष 2002 के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के रिकॉर्ड से हो पाया है और न ही उनके माता-पिता के पुराने एसआईआर रिकॉर्ड से।
निर्वाचन विभाग के अधिकारियों के अनुसार इन मतदाताओं को अभी अंतिम निर्णय से पहले सुनवाई (हियरिंग) का पूरा अवसर दिया जाएगा। यदि सुनवाई के दौरान संबंधित मतदाता चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत कर अपनी पात्रता और पहचान साबित नहीं कर पाते हैं, तो उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं। ऐसे मामलों की संख्या आने वाले दिनों में और बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।
चंडीगढ़ में कुल 5.16 लाख मतदाताओं की मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण किया जा रहा है। अभियान के तहत अब तक लगभग 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। निर्वाचन विभाग को अब तक करीब 2.59 लाख एन्यूमरेशन फॉर्म वापस प्राप्त हो चुके हैं, जिनकी जांच और सत्यापन का कार्य तेजी से चल रहा है।

सत्यापन के दौरान यह भी सामने आया है कि करीब 8900 मतदाता ऐसे हैं, जो चंडीगढ़ छोड़कर दूसरे राज्यों में स्थायी रूप से निवास करने लगे हैं। ये मतदाता अब चंडीगढ़ के निवासी नहीं हैं, इसलिए नियमानुसार उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। इसके अलावा लगभग 1000 ऐसे मतदाताओं की भी पहचान हुई है, जिनका निधन हो चुका है। इनके नाम भी आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदाता सूची से हटाए जाएंगे।

निर्वाचन विभाग का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य केवल मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना है, ताकि केवल पात्र और वास्तविक मतदाताओं के नाम ही सूची में शामिल रहें। इसके लिए प्रत्येक फॉर्म का रिकॉर्ड से मिलान किया जा रहा है और संदेहास्पद मामलों की अलग से जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार जिन मतदाताओं के दस्तावेजों या रिकॉर्ड में कोई विसंगति पाई जाएगी,
उन्हें व्यक्तिगत रूप से नोटिस जारी कर सुनवाई का अवसर दिया जाएगा।
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Author: Farheen

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