पंजाब में इस बार अप्रैल से ही लू की शुरुआत हो गई थी। इससे पारा 45 डिग्री के पार पहुंचने से मई में बिजली की मांग 12000 मेगावाट पार कर गई थी, जो 2025 के मुकाबले 800 मेगावाट ज्यादा थी। वहीं मई में बिजली की मांग 14335 मेगावाट हो गई थी।

पंजाब में इस बार मौसम की मार पावरकाॅम पर भारी पड़ रही है। बिजली की लगातार बढ़ती मांग पूरा करने के लिए पावरकाम ने इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से अप्रैल से लेकर 25 जून तक कुल 2480 करोड़ रुपये की बिजली खरीदी है।
हालात यह हैं कि इस समय भी लहरा मुहब्बत थर्मल के 500 मेगावाट की दो यूनिट बंद हैं। इस पीक सीजन में जब पावरकाॅम को अपने थर्मलों से 3.50 रुपये यूनिट बिजली मिल सकती थी। यूनिटों के बंद पड़ने से पावरकाम को इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से 11 रुपये यूनिट के हिसाब से बिजली खरीदनी पड़ रही है। दिन में पावरकाॅम को सस्ती सोलर बिजली मिल जाती है लेकिन शाम व रात के समय महंगी बिजली लेनी पड़ रही है।
जून में ही 1300 करोड़ की बिजली खरीदी
पावरकाॅम ने अप्रैल महीने से लेकर 25 जून तक बिजली की मांग पूरा करने के लिए एनर्जी एक्सचेंज से 2480 करोड़ रुपये की बिजली खरीदी है। सबसे अधिक 1300 करोड़ की बिजली जून में अब तक खरीदी जा चुकी है। आने वाले दिनों में मांग में और इजाफा होने की संभावना है क्योंकि इस बार पंजाब में जहां मानसून देरी से आ रहा है, वहीं मौसम विभाग ने मानसून की बारिश भी सामान्य से 8 फीसदी तक कम रहने की संभावना जताई है। इससे किसानों द्वारा सिंचाई के लिए ट्यूबवेलों का इस बार ज्यादा इस्तेमाल होने की संभावना से बिजली की मांग और बढ़ सकती है। ऐसे में एक्सचेंज से आने वाले दिनों में बिजली की खरीद का आंकड़ा और बढ़ सकता है।


