आरोपियों ने बिना किसी गैस कटर या आधुनिक औजार के ही एटीएम का लॉक खोल दिया और भीतर रखी 17 लाख 98 हजार रुपये की नकदी साफ कर दी। पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म की जो वजह बताई। वसीम खान को अपनी बहन की शादी की चिंता सता रही थी, जबकि सुधांशु अपने लिए एक घर खरीदना चाहता था।

लुधियाना के प्रताप चौक इलाके में स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम से करीब 18 लाख रुपये की चोरी के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है।
थाना डिवीजन नंबर-6 की पुलिस ने इस वारदात को अंजाम देने वाले दो चोरों को उत्तर प्रदेश के लखनऊ से पकड़ा है। पकड़े गए आरोपी नशे के आदी हैं और इनके पास से चोरी की गई रकम में से 13 लाख 75 हजार रुपये बरामद कर लिए गए हैं।
डीसीपी जसकिरनजीत सिंह तेजा ने बताया कि आरोपियों की उम्र 24 और 19 साल है, जो फिलहाल लुधियाना में ही किराए के मकानों में रह रहे थे। इनमें से एक आरोपी की पहचान कपूरथला के आलोवाल निवासी सुधांशु महाजन के रूप में हुई है, जो इन दिनों ढोलेवाल के एसएएस नगर में रह रहा था। वहीं दूसरे आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के गौरीगंज निवासी वसीम खान उर्फ मोटू के रूप में हुई है, जो ढोलेवाल के ही राम नगर इलाके में रह रहा था।
दोनों ने 12 और 13 जून की दरमियानी रात को इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी सुधांशु अक्सर रात में इसी एटीएम के भीतर सो जाता था, जिसके कारण उसे वहां के सुरक्षा तंत्र की हर कमजोरी का पता था। सुधांशु को जब दिहाड़ी मिलना बंद हो गई, तो उसने वसीम के साथ मिलकर साजिश रच डाली।
आरोपियों ने बिना किसी गैस कटर या आधुनिक औजार के ही एटीएम का लॉक खोल दिया और भीतर रखी 17 लाख 98 हजार रुपये की नकदी साफ कर दी। पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म की जो वजह बताई। वसीम खान को अपनी बहन की शादी की चिंता सता रही थी, जबकि सुधांशु अपने लिए एक घर खरीदना चाहता था।
इसी जरूरत को पूरा करने के लिए दोनों ने मिलकर बैंक को चूना लगाया। चोरी के बाद रकम को आपस में बांटकर दोनों लुधियाना रेलवे स्टेशन पहुंचे और ट्रेन पकड़कर लखनऊ फरार हो गए। इस पूरे घटनाक्रम ने बैंक सुरक्षा के दावों की पोल खोलकर रख दी है। व्यस्त इलाके में स्थित होने के बावजूद इस एटीएम पर बैंक प्रबंधकों ने किसी भी सुरक्षाकर्मी की तैनाती नहीं की थी।