पंजाब में एसआईआर: मानसा-तरनतारन, मुक्तसर और बरनाला में मैपिंग 90 प्रतिशत पार, मोहाली में सबसे कम

Picture of Farheen

Farheen

SHARE:

पंजाब में चल रही मैपिंग में पहले स्थान पर मानसा जिला है जहां 93.72 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है। मोहाली जिला सबसे पीछे हैं जहां 65.88 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है।

SIR in Punjab Mapping Crosses 90% in Mansa TarnTaran Muktsar Barnala Lowest in Mohali.

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) से पहले पंजाब में प्री एसआईआर मैपिंग का काम तेजी से चल रहा है। सूबे में कुल 84 प्रतिशत से अधिक लोग मैपिंग करवा चुके हैं जबकि मानसा, तरनतारन, श्री मुक्तसर साहिब और बरनाला जिलों में तो 90 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है।

मोहाली (एसएएस नगर) जिले में काम सबसे ज्यादा सुस्त है। यहां अभी तक सिर्फ 65.88 फीसदी मैपिंग ही हो पाई है। सभी जिलों के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अफसरों (ईआरओ) को निर्देश दिए गए हैं कि वे बूथ लेवल अफसरों (बीएलओ) से तालमेल कर जल्द प्री मैपिंग का काम पूरा करवाएं ताकि 25 जून से पंजाब में एसआईआर काम शुरू किया जा सके। देश में साल 2002 से 2004 के बीच एसआईआर हुआ था जबकि पंजाब में साल 2003 में एसआईआर करवाया गया था।

2002 की मतदाता सूची से होगा मिलान

अब प्री मैपिंग में पंजाब के मतदाताओं (साल 2005 की सूची) का मिलान साल 2002 की मतदाता सूची से किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में एक तरह से मतदाताओं का वंशावली विश्लेषण हो रहा है। बीएलओ मतदाताओं तक पहुंच रहे हैं और साल 2003 की मतदाता सूची में उनके नाम का मिलान कर रहे हैं। सूची में यदि मतदाता का नाम नहीं है ताे उनके पिता, दादा या परिवार के अन्य किसी रक्त संबंधी का नाम तलाशा जा रहा है जो साबित करे कि उनके रिश्तेदार साल 2003 में पंजाब के वोटर थे।

पंजाब में आकर बसे प्रवासी मतदाताओं के रिश्तेदारों का नाम यदि साल 2003 की मतदाता सूची में नहीं हैं तो उनके नाम विभिन्न राज्यों की साल 2002 और साल 2004 की सूची में ढूंढे जाएंगे ताकि ये साबित हो सके कि प्रवासियों के रिश्तेदार देश के ही मतदाता थे।

किस जिले में कितनी मैपिंग

पंजाब में चल रही मैपिंग में पहले स्थान पर मानसा जिला है जहां 93.72 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है। मोहाली जिला सबसे पीछे हैं जहां 65.88 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है। इसी तरह तरनतारन में 93.01 प्रतिशत, श्री मुक्तसर साहिब में 92.38, बरनाला में 91.29, मालेरकोटला में 89.21, नवांशहर (एसबीएस नगर) में 88.31, अमृतसर में 88.29, होशियारपुर में 87.95, मोगा में 87.73, फतेहगढ़ साहिब में 87.06, बठिंडा में 86.99, संगरूर में 86.97, फाजिल्का में 86.86, फिरोजपुर में 85.87, गुरदासपुर में 85.15, रूपनगर में 84.46, फरीदकोट में 84.11, पठानकोट में 83.11, पटियाला में 82.11, कपूरथला में 82, जालंधर में 80.26 व लुधियाना में 73.64 प्रतिशत मैपिंग पूरी हो चुकी है।

कुल मिलाकर पंजाब के 2,14,59,201 मतदाताओं में से 1,80, 32,126 मतदाताओं का मिलान साल 2003 की मतदाता सूची से हो गया है जबकि 34,27,075 मतदाता अभी बाकी हैं।

बदले गए बीएलओ

प्री मैपिंग के दौरान कई हलकों में काम बहुत धीमा चल रहा था। 24453 बीएलओ इस काम में लगे हैं मगर जांच में मालूम चला कि कुछ बीएलओ बीमार हैं, कुछ की शादी हो चुकी है और कुछ विवाहिताएं गर्भवती हो चुकी हैं। इस वजह से काम धीमा है। इन सभी को बदल दिया गया है। सुस्त काम कर रहे बीएलओ के काम की समीक्षा रोजाना ईआरओ करेंगे।

बीएलओ का करें सहयोग

एसआईआर से पहले मैपिंग एक तरह से होमवर्क अथवा टेबल टॉप एक्सरसाइज है। इसमें सभी मतदाता बीएलओ का सहयोग करें, वे उनका पहचान पत्र भी चेक कर सकते हैं। सभी बीएलओ के नाम व मोबाइल नंबर विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। सभी ईआरओ से कहा गया है कि वे इस काम में लीड लें और जहां दिक्कत आ रही हैं, उन्हें सुलझाएं। जहां हाईराइज बिल्डिंग हैं वहां ईआरओ खुद आरडब्लूए से बात कर इस काम को पूरा करवाएं। – अनिंदिता मित्रा, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पंजाब

Farheen
Author: Farheen

सबसे ज्यादा पड़ गई