अफसरों की बेरुखी से तपती धूप में बेहाल हुए अन्नदाता, भड़के किसानों ने किया आगामी किसान दिवस के बहिष्कार का एलान

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Sunil Kumar

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किसान दिवस पर अफसरान की बेरूखी को लेकर किसानों का पारा सातवें आसमान पर चढ गया। किसानों केा तपती गर्मी में खड़े रहने को मजबूर होना पड़ा। डीडी कार्यालय पर किसान दिवस में सन्नाटा पसरा रहा, बैठने तक की नहीं थी व्यवस्था। अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर बिफरे किसानों ने मानवीय अत्याचार का अरोप लगाया।कृषक समृद्धि आयोग के सदस्य ऋषि कुमार ने मोर्चा संभाला उन्हांेने अव्यवस्थाओं को देखकर अफसरान को फटकार लगाई बिजली रोस्टर सुधारने के दिए निर्देश। प्राकृतिक खेती अपनाने और रासायनिक खादों का उपयोग कम करने पर जोर दिया।
गुरूवार को आयोति बैठक में प्रशासनिक उदासीनता और अफसरों की लापरवाही के चलते आज डीडी कार्यालय पर आयोजित किसान दिवस पूरी तरह बेपटरी नजर आया। सरकार के दावों के विपरीत धरातल पर अन्नदाताओं को भारी अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी और तपती धूप में दूर-दराज से आए किसानों के लिए बैठने तक के इंतजाम नहीं थे। प्रशासनिक बेरुखी से नाराज और आक्रोशित किसानों ने व्यवस्था को मानवीय अत्याचार बताते हुए आगामी किसान दिवस के पूर्ण बहिष्कार का एलान कर दिया है। किसान दिवस में अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे किसानों को उस समय बड़ा झटका लगा, जब अधिकांश महत्वपूर्ण विभागों के आला अफसर अपनी कुर्सियों से नदारद मिले। किसानों का कहना था कि समस्याओं का समाधान तो दूर, अफसर उनकी बात सुनने तक को तैयार नहीं हैं। भीषण गर्मी में घंटों खड़े रहने के कारण किसानों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हालांकि, मौके पर जिला कृषि अधिकारी, डीएचओ और कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन मुख्य विभागों के नदारद रहने से किसान भड़क गए। हंगामे की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश सरकार के कृषक समृद्धि आयोग के माननीय सदस्य ऋषि कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने नाराज किसानों को शांत कराया और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। अव्यवस्थाओं पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए उन्होंने मौजूद अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि भविष्य में आयोजित होने वाले किसान दिवस पूरी तरह व्यवस्थित होने चाहिए और किसानों के लिए पानी व छाया की मुकम्मल व्यवस्था की जाए। कृषक समृद्धि आयोग के सदस्य ऋषि कुमार ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को स्थानीय मांग के अनुरूप बिजली रोस्टर उपलब्ध कराया जाए ताकि फसलों की सिंचाई प्रभावित न हो। इसके साथ ही उन्होंने किसानों से संवाद करते हुए गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश और किसान की आर्थिक समृद्धि को स्थिर रखने के लिए प्राकृतिक खेती को अपनाना बेहद जरूरी है।उन्होंने किसानों से अपने संसाधनों का अधिक से अधिक उपयोग करने, ऊर्जा संरक्षण करने और खेती में रासायनिक खादों का अंधाधुंध इस्तेमाल कम करने की अपील की।

Sunil Kumar
Author: Sunil Kumar

SASNI, HATHRAS

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