Reported by: Shamim Iqbal
अलीगढ़ में चिकित्सा जगत को बड़ी सफलता मिली है। शहर के मशहूर सर्जन डॉ. परवेज़ आलम ने पहली बार ‘लैप्रोस्कोपिक बोअरी फ्लैप विद सोआस हिच’ जैसी जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक कर नई मिसाल कायम की है। यह ऑपरेशन अब तक बड़े महानगरों, खासकर दिल्ली जैसे शहरों में ही संभव माना जाता था।


क्या था मामला?
हेमलता नाम की 24 वर्षीय महिला अपनी पहली डिलीवरी (सिजेरियन) के दौरान यूरेटर (पेशाब की नली) में गंभीर चोट लगने के कारण बेहद नाजुक स्थिति में पहुंच गई थीं। जांच में यह भी सामने आया कि वह जेनिटोयूरिनरी टीबी से भी पीड़ित थीं, जिससे स्थिति और जटिल हो गई। आमतौर पर ऐसे मामलों को उच्च केंद्रों के लिए रेफर कर दिया जाता है।
कैसे हुआ इलाज?
डॉ. परवेज़ आलम और उनकी टीम ने आधुनिक लैप्रोस्कोपिक तकनीक का उपयोग करते हुए क्षतिग्रस्त 10–12 सेमी यूरेटर को मूत्राशय (ब्लैडर) के ऊतकों से पुनर्निर्मित किया। यह प्रक्रिया अत्यंत जटिल और जोखिमभरी मानी जाती है। लंबी और चुनौतीपूर्ण सर्जरी के बाद मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य जीवन की ओर लौट चुकी है।
डॉक्टर ने कहा कि पहले ऐसे जटिल मामलों में मरीजों को दिल्ली रेफर किया जाता था, जिससे आर्थिक और मानसिक बोझ बढ़ता था। अब अलीगढ़ में ही विश्वस्तरीय इलाज संभव है।
यह उपलब्धि न केवल अलीगढ़ बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है और चिकित्सा क्षेत्र में शहर की नई पहचान बना रही है।