करमजीत सिंह के अनुसार, एग्रीमेंट के समय केवल उनका अपना पासपोर्ट वैध था। पत्नी और एक बेटे का पासपोर्ट एक्सपायर हो चुका था, जबकि दूसरे बेटे का बना ही नहीं था। आरोपियों ने जिम्मेदारी लेते हुए सभी के दस्तावेज ले लिए।

लुधियाना के कस्बा सुधार स्थित नई आबादी अकालगढ़ बाजार के एक परिवार को अमेरिका में स्थायी निवास का झांसा देकर 1 करोड़ 40 लाख रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। थाना सुधार की पुलिस ने लंबी जांच के बाद एक बैंक मैनेजर और ट्रेवल एजेंटों सहित कुल 6 आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और इमिग्रेशन एक्ट की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
कौन हैं ठगी के आरोपी
इस पूरे नेक्सस में पति-पत्नी, ससुर-साला और एक बैंक मैनेजर शामिल हैं। आरोपियों में सिमरन कौर (पत्नी बिक्रम सिंह), बिक्रम सिंह (सिमरन का पति), कुलबीर सिंह (सिमरन का पिता/बिक्रम का ससुर), अमनजोत सिंह (सिमरन का भाई), अगमजीत सिंह (निवासी: चमकौर साहिब, रूपनगर), ‘प्लैटिनम इंस्टीट्यूट्स’ नामक ट्रेवल एजेंसी का संचालक और साहिल चंडीगढ़ के सेक्टर-9 स्थित HDFC बैंक का मैनेजर है।
पीड़ित करमजीत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सितंबर 2024 में उनकी सिमरन कौर और अन्य आरोपियों से मुलाकात हुई थी। करमजीत अपनी पत्नी रविंदर कौर और दो बेटों (रणबीर सिंह और इशबीर सिंह) के साथ अमेरिका जाकर बसना चाहते थे। आरोपियों ने प्रति व्यक्ति 35 लाख रुपये के हिसाब से कुल 1 करोड़ 40 लाख रुपये में अमेरिका की PR दिलाने का एग्रीमेंट किया गया था। वहीं, 11 सितंबर 2024 को आरोपियों ने उनके घर आकर 5 लाख रुपये बतौर पेशगी लिए। जनवरी 2025 तक पीड़ित ने 81 लाख रुपये नकद और बाकी रकम बैंक खातों (ट्रांसफर) के जरिए आरोपियों को सौंप दी।
फर्जी पासपोर्ट और वीजा का खेल
करमजीत सिंह के अनुसार, एग्रीमेंट के समय केवल उनका अपना पासपोर्ट वैध था। पत्नी और एक बेटे का पासपोर्ट एक्सपायर हो चुका था, जबकि दूसरे बेटे का बना ही नहीं था। आरोपियों ने जिम्मेदारी लेते हुए सभी के दस्तावेज ले लिए। कुछ समय बाद आरोपियों ने वीडियो कॉल पर चारों के पासपोर्ट और अमेरिकी वीजा दिखा दिए। जब करमजीत ने शक होने पर अपने स्तर से जांच की, तो पता चला कि उन्हें दिखाए गए पत्नी और दोनों बेटों के पासपोर्ट और सभी के वीजा पूरी तरह फर्जी थे।
पैसे मांगने पर मिली जान से मारने की धमकियां
जब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उसने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी टालमटोल करने लगे। जब दबाव बढ़ा, तो आरोपियों ने 49 लाख रुपये के चेक दिए, जो बैंक में बाउंस हो गए। इसके अलावा, आरोपियों ने 62 लाख के डीडी (DD) और 29 लाख रुपये नकद खाते में डालने की फर्जी बैंक स्टेटमेंट भी गढ़ी, लेकिन असल में एक रुपया भी वापस नहीं किया। पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकियां देनी शुरू कर दीं।
कर्ज में डूबा परिवार, सीएम से लगाई गुहार
बिलखते हुए करमजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने इस काम के लिए घर का सारा सोना गिरवी रख दिया था, रिश्तेदारों से लाखों का कर्ज लिया और जीवन भर की सारी जमापूंजी लगा दी। आज हालात यह हैं कि परिवार के सामने खाने के लाले पड़े हैं। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और डीजीपी गौरव यादव से न्याय की पुरजोर गुहार लगाई है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता (जिला ग्रामीण पुलिस प्रमुख): सभी 6 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पीड़ित परिवार को हर हाल में इंसाफ दिलाया जाएगा। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच का जिम्मा डीएसपी (दाखा) करन सिंह संधू को सौंपा गया है। कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी होगी।