नशा विरोधी मुहिम पर सवाल: अबोहर में पुलिस गाड़ी में बैठे ASI ने नशा खरीदा, वीडियो वायरल होने के बाद सस्पेंड

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एसपी आशवंत सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो 4-5 दिन पुरानी है। मामले की जांच पुलिस द्वारा की गई, जिसमें सामने आया कि 112 हेल्पलाइन में तैनात एसएसआई बलविंदर सिंह ने अपने परिचित युवक को बुलाकर उससे नशीला पदार्थ खरीदा था।

Anti Drug Campaign ASI in Police Vehicle in Abohar Buys Drugs Suspended After Video Goes Viral

अबोहर में सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक वीडियो ने पंजाब पुलिस और पंजाब सरकार की नशा विरोधी मुहिम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में 112 हेल्पलाइन पुलिस गाड़ी में तैनात एक पुलिस कर्मचारी दो बाइक सवार युवकों से संदिग्ध वस्तु लेते हुए दिखाई दे रहा है। यह वीडियो सीड फार्म रोड क्षेत्र की बताई जा रही है, जिसे लंबे समय से नशे के कारोबार के लिए चर्चित माना जाता रहा है।

जानकारी के अनुसार वीडियो में 112 पुलिस की गाड़ी सड़क किनारे रुकती दिखाई दे रही है। इसी दौरान दो युवक बाइक पर वहां पहुंचते हैं और गाड़ी में बैठे पुलिस कर्मचारी को कोई संदिग्ध वस्तु पकड़ाते हैं। सोशल मीडिया पर इसे लेकर दावा किया गया कि पुलिस कर्मचारी कथित तौर पर नशीला पदार्थ खरीद रहा था। हालांकि प्रारंभिक तौर पर इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।

मामले को लेकर विधायक संदीप जाखड़ ने भी मुख्यमंत्री और डीजीपी को सोशल मीडिया पर टैग करते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि कानून व्यवस्था संभालने वाले ही नशे के कारोबार में शामिल होंगे तो नशे पर रोक कैसे लगेगी। उन्होंने सीड फार्म रोड क्षेत्र में खुलेआम नशा कारोबार होने की शिकायतों का भी उल्लेख किया और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।

एसपी आशवंत सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो 4-5 दिन पुरानी है। मामले की जांच पुलिस द्वारा की गई, जिसमें सामने आया कि 112 हेल्पलाइन में तैनात एसएसआई बलविंदर सिंह ने अपने परिचित जश्न नामक युवक को बुलाकर उससे 500 रुपये में कोई नशीला पदार्थ खरीदा था।

एसपी के अनुसार जांच के बाद एसएसआई बलविंदर सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। एक युवक जश्न की पहचान कर ली गई है, जबकि दूसरे युवक की तलाश जारी है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा चलाए जा रहे “युद्ध नशों के विरुद्ध” अभियान के तहत नशा तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह पुलिस कर्मचारी ही क्यों न हो।

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Author: Farheen

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