खुफिया एजेंसियों ने इनपुट जारी किया है कि पंजाब में आतंकी पाकिस्तान के इशारे पर नापाक हरकतों को अंजाम दे सकते हैं। इसके बाद पुलिस ने कई जिलों में नाकेबंदी बढ़ा दी है और आने-जाने वाले वाहनों की सघन जांच शुरू कर दी गई है।

जालंधर में हुए धमाके के बाद पूरे पंजाब में हाई अलर्ट घोषित कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार चंडीगढ़ से पहुंचे आला पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार रात जालंधर में उच्च स्तरीय बैठक कर पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, जांच की प्रगति और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। गुरप्रीत दियो भी जालंधर पहुंचीं और हाई लेवल मीटिंग कर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने के आदेश दिए। इसके बाद रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है।
वहीं जांच एजेंसियां धमाके के हर पहलू को ध्यान में रखकर पड़ताल में जुटी हैं और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े इनपुट लगातार एकत्र किए जा रहे हैं।
जालंधर ब्लास्ट में सात टीमें खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज
जालंधर में हुए धमाके की जांच अब राष्ट्रीय स्तर की एजेंसियों तक पहुंच गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी और इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीमें जांच में जुट गई हैं। दोनों एजेंसियां स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर हर पहलू की गहन पड़ताल कर रही हैं।
सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियां धमाके के पीछे किसी आतंकी मॉड्यूल, विदेशी कनेक्शन या संगठित साजिश की संभावना को भी खंगाल रही हैं। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सात टीमों ने खंगाली है। शुक्रवार को एक दर्जन से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए जांच में शामिल किया गया।
जांच एजेंसियां संदिग्ध गतिविधियों, मोबाइल लोकेशन और सोशल मीडिया लिंक की भी पड़ताल कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने घटनास्थल से अहम साक्ष्य जुटाए हैं जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांच का फोकस इस बात पर है कि धमाके में इस्तेमाल सामग्री कहां से लाई गई और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल हर एंगल से जांच जारी है और जल्द ही बड़े खुलासे हो सकते हैं। शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है तथा संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है।