पंजाब में एक बार फिर ब्लास्ट हुआ है। राजपुरा-शंभू के बीच डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर पर धमाका होने से ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया है। एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। 24 जनवरी की रात में न्यू मंडी गोबिंदगढ़ और न्यू सरहिंद स्टेशन के बीच डीएफसीसीआईए कॉरिडोर पर इसी तरह का ब्लास्ट हुआ था।

पंजाब में एक बार फिर रेलवे ट्रैक को निशाना बनाकर बड़ी साजिश रचने की कोशिश की गई है। राजपुरा और शंभू रेलवे स्टेशनों के बीच डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसीसीआईएल) पर सोमवार देर रात ब्लास्ट हुआ। इसे आईडी ब्लास्ट माना जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियां इसे आतंकी साजिश के एंगल से देख रही हैं। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ रेलवे की क्राइम ब्रांच और खुफिया एजेंसियां जांच में जुट गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही एनआईए की टीम भी घटनास्थल का दौरा कर सकती है।
24 जनवरी की रात में न्यू मंडी गोबिंदगढ़ और न्यू सरहिंद स्टेशन के बीच डीएफसीसीआईए कॉरिडोर पर इसी तरह का ब्लास्ट हुआ था। उस समय धमाका इतना घातक था कि मालगाड़ी का इंजन क्षतिग्रस्त हो गया था और लोको पायलट हरेंद्र कुमार घायल हो गए थे। इस हादसे में सह-लोको पायलट बाल-बाल बच गए थे। बार-बार एक ही स्थान के आसपास हो रहे ये धमाके सुरक्षा चक्र में बड़ी सेंध की ओर इशारा कर रहे हैं।
अंबाला मंडल के डीआरएम विनोद कुमार भाटिया ने कहा कि रेलवे डीएफसीसीआईएल प्रबंधन के संपर्क में है और मामले की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक 24 अप्रैल को इस तरह की धमकी मिलने की बात भी सामने आई है हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।