यूपी के वाराणसी से दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला को कार की टक्कर लग गई। नाराज मनबढ़ों ने कार सवार युवा उद्यमी को पीटकर मार डाला। उद्यमी का सिर ईंट से कूंच डाला। उसकी आंखें तक बाहर आ गईं।

वाराणसी के फूलपुर थाना इलाके के भरथरा (घमहापुर) में रविवार की रात कारखाने से घर लौट रहे कार सवार मनीष सिंह (36) की उनके घर से 100 मीटर दूर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। कार के धक्के से घायल महिला के परिजनों और मनबढ़ों ने मनीष का सिर ईंट से कूंच दिया। आंखें बाहर निकल आईं और शरीर के हर अंग को चोट पहुंचाई।
पुलिस ने आठ नामजद व एक अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। दो आरोपियों हरिश्चंद्र और योगेंद्र को गिरफ्तार किया गया है। 11 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। एहतियातन गांव में फोर्स व पीएसी तैनात की गई है।
भरथरा गांव निवासी मनीष सिंह की घर के पास ही दोना-पत्तल की फैक्टरी है। कारखाने से रात 10 बजे कार से मनीष घर लौट रहे थे। गांव में प्रवेश करते समय ही महिला बिंदु देवी अपने घर के सामने बर्तन धो रही थीं।
कार से बिंदु को धक्का लग गया और वह घायल हो गईं। इस बीच ग्रामीणों ने मनीष को घेर लिया और कुछ मनबढ़ों ने उसकी पिटाई शुरू कर दी। लाठी-डंडे और ईंट से लगातार वार किया।
ईंट से सिर कूंच डाला, जिससे उनकी आंखें बाहर आ गईं। हाथ पैर कई जगह से फ्रैक्चर हो गए। परिजनों को जानकारी हुई तो मौके पर पहुंचे और मरणासन्न अवस्था में मनीष को लेकर पीएचसी बसनी ले गए। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने बीएचयू रेफर कर दिया।
बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में चिकित्सकों ने मनीष को मृत घोषित कर दिया। युवा उद्यमी की हत्या की सूचना मिलते ही गोमती जोन के एडीसीपी नृपेंद्र कुमार, कार्यवाहक पिंडरा एसीपी अंजनी राय, फूलपुर, बड़ागांव समेत आसपास थानों की फोर्स और पीएसी भी पहुंच गई। फूलपुर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया।
दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की दो टीमें गठित की गई हैं। एहतियातन गांव में फोर्स तैनात की गई है।
एसओजी के सिपाही की छीनी पिस्टल बनाया बंधक, प्राथमिकी दर्ज
मनीष सिंह हत्याकांड में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सोमवार की रात आठ बजे के बाद खालिसपुर स्थित राजभर बस्ती में दबिश देने गई क्राइम ब्रांच की टीम को बस्ती वालों ने बंधक बना लिया। गलतफहमी में ग्रामीणों ने एसओजी के एक सिपाही की पिस्टल छीन ली।
मनीष सिंह हत्याकांड में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सोमवार की रात आठ बजे के बाद खालिसपुर स्थित राजभर बस्ती में दबिश देने गई क्राइम ब्रांच की टीम को बस्ती वालों ने बंधक बना लिया। गलतफहमी में ग्रामीणों ने एसओजी के एक सिपाही की पिस्टल छीन ली।
एक सिपाही की पिटाई भी की गई। फूलपुर इंस्पेक्टर अतुल कुमार सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और एसओजी के दो सिपाहियों को छुड़ाया। वहीं आरोपी युवक भाग निकला। दबिश के दौरान पुलिस पर हमला और सरकारी कार्य में बाधा के आरोप में 60 अज्ञात के खिलाफ फूलपु फूलपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
फूलपुर थाना क्षेत्र के भरथरा में मनीष सिंह की हत्या के आरोपियों की लोकेशन खालिसपुर गांव में मिली तो एसओजी सादे वेश में दबिश देने रात आठ बजे गांव में पहुंच गई। इस बीच ग्रामीणों को लगा कि मनीष सिंह के परिजन जबरन उठाने आए हैं। एक आरोपी को एसओजी ने पकड़ा तो 100 से अधिक ग्रामीणों ने घेर लिया।
जबरन उठाने की गलतफहमी में एसओजी टीम से उलझ गए और मारपीट पर उतारू हो गए। सूत्रों के मुताबिक एक एसओजी का जवान भाग निकला और दो पकड़ में आ गए। इंस्पेक्टर अतुल कुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीणों ने गलतफहमी में एसओजी टीम के साथ बदसलूकी की है।
