
क्या था इन प्रदर्शनों का ट्रिगर?
हरियाणा सरकार ने इसी महीने की 10 तारीख को एक नोटिफिकेशन जारी किया। इसमें फैक्टरी-उद्योगों से जुड़े कर्मियों के न्यूनतम वेतन में 35% की बढ़ोतरी करने का फैसला किया गया। इस फैसले से हरियाणा में कर्मचारियों का मासिक वेतन काफी बढ़ा है। जहां अकुशल कर्मियों को अब लगभग 11,274 रुपये से बढ़कर 15,220 रुपये मिल रहे हैं, तो वहीं कुशल कर्मियों को 13 हजार के मुकाबले करीब 18 हजार और उच्च-कौशल वाले कर्मियों को 14 हजार की जगह 19 हजार के करीब वेतन मिल रहा है।
इसके उलट उत्तर प्रदेश में कर्मियों का न्यूनतम वेतन अभी भी काफी कम- करीब 11,313 रुपये (अकुशल कर्मी) से लेकर 13,940 रुपये (कुशल कर्मी के लिए) है।
दैनिक वेतन के मामले में भी नोएडा में जहां 435-536 रुपये के बीच मिलते हैं, तो वहीं हरियाणा के गुरुग्राम और मानेसर में यह करीब 585 रुपये 747 रुपये प्रतिदिन तक पहुंचा दिया गया है। वेतन में इस भारी अंतर की वजह से ही नोएडा के कर्मचारियों में भारी असंतोष फैल गया और वे हरियाणा के कर्मचारियों के समान वेतन की मांग करते हुए उग्र प्रदर्शन करने लगे। कर्मियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच मौजूदा वेतन में गुजारा करना बेहद मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा प्रदर्शनों की यह आग राजस्थान के भिवाड़ी में भी फैल गई, जहां कर्मचारियों ने कम वेतन को लकेर अपने गुस्से का इजहार किया।
अब जानें- किस राज्य में क्या है फैक्टरी कर्मियों का न्यूनतम वेतन?
फैक्टरी कर्मियों को मुख्यतः तीन श्रेणियों में बांटा जाता है। इनमें अकुशल कर्मी, जैसे- चपरासी, क्लीनर, स्वीपर, सुरक्षा गार्ड, संदेशवाहक, आदि शामिल होते हैं। इसके अलावा अर्ध-कुशल कर्मी, जैसे- सहायक अकाउंटेंट, अर्दली, आदि शामिल होते हैं। इसके अलावा कुशल कर्मी, जैसे- क्लर्क, टाइपिस्ट, कार्यालय सहायक, इन्वेंट्री मैनेजमेंट स्टाफ, डाटा एंट्री ऑपरेटर, अकाउंटेंट, आदि को रखा जाता है। इसके ऊपर एक उच्च-कौशल वाले कर्मियों को रखा जाता है, जिनमें हेड असिस्टेंट, सीनियर एकाउंटेंट, कंप्यूटर ऑपरेटर, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आरएंडडी) स्टाफ, ऑफिस सुपरवाइजर, गोदाम-प्रभारी, आदि आते हैं।
1. पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल के न्यूनतम वेतन का विवरण मुख्य रूप से दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में बांटते हुए उपलब्ध कराया गया है। इनमें ही अकुशल से लेकर उच्च कुशल श्रेणी के कर्मियों के न्यूनतम वेतन का जिक्र किया गया है।
9 जनवरी, 2026 को जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में न्यूनतम वेतन की दरें 1 जनवरी, 2026 से 30 जून, 2026 तक लागू हैं। इन मानकों को दो जोन (क्षेत्रों) के आधार पर निर्धारित किया गया है।
जोन ए: नगर निगम, नगर पालिका, अधिसूचित क्षेत्र, विकास प्राधिकरण और टाउनशिप क्षेत्रों सहित थर्मल पावर प्लांट क्षेत्र।
जोन बी: पश्चिम बंगाल के बाकी हिस्से।


