Kota: अभिनेता सलमान खान को पान मसाला के भ्रामक विज्ञापन मामले में 9 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होना है। राजस्थान राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने उनकी अंतरिम राहत रद्द कर दी है और निचली अदालत के आदेश पर लगी रोक भी हटा दी है

पान मसाला के भ्रामक विज्ञापन के मामले में फिल्म अभिनेता सलमान खान को कोटा जिला कोर्ट से झटका लगा है। इस मामले में एक बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है। राजस्थान राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने फैसला सुनाते हुए सलमान खान को मिली अंतरिम राहत खत्म कर दी है। मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल को रखी गई है। इस फैसले के बाद अब सलमान खान के लिए कोटा जिला कोर्ट के आदेशों का पालन अनिवार्य होगा।
सलमान खान को होना होगा पेश
आयोग ने निचली अदालत के उस आदेश पर लगी रोक भी हटा दी है, जिसमें सलमान खान को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए गए थे। जिला आयोग के इस आदेश के खिलाफ सलमान खान ने राजस्थान राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में अपील की थी, जिसमें सर्किट बेंच में लंबी बहस हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की याचिकाओं को खारिज कर दिया गया।
दस्तावेजों पर पाए गए थे सलमान के फर्जी हस्ताक्षर
अधिवक्ता रिपुदमन सिंह ने बताया कि 26 दिसंबर 2025 को कोटा जिला उपभोक्ता आयोग ने सलमान खान को 20 जनवरी 2026 को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया था। साथ ही कहा गया था कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होकर एफिडेविट देना होगा और दस्तावेजों पर अपने हस्ताक्षर करने होंगे, क्योंकि दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर फर्जी पाए गए थे।
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अधिवक्ता ने फैसले को बताया बड़ी जीत
वहीं अधिवक्ता इंद्र मोहन सिंह हनी ने इस फैसले को बड़ी जीत बताया और कहा कि बड़े लोग अपने ओहदे और पैसे का गलत फायदा उठाकर कानून की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश करते हैं, लेकिन कभी सफल नहीं हो पाते।