पंजाब में बढ़ीं सुरक्षा चुनौतियां: पुलिस में स्वीकृत पद 1.25 लाख करने की तैयारी, 26 साल से नहीं बढ़ी थी फोर्स

Picture of Farheen

Farheen

SHARE:

बॉर्डर पार से पाकिस्तानी की नापाक गतिविधियां, नशा और हथियार तस्करी, गैंगस्टरवाद, रंगदारी, हत्याएं, लूट, डकैती, चोरियां इत्यादि आपराधिक वारदातों ने भी पंजाब पुलिस की चुनौतियों को काफी बढ़ा दिया है।

Security Challenges Mount in Punjab Plans Underway to Increase Sanctioned Police Posts to 1.25 Lakh

बॉर्डर स्टेट होने की वजह से पंजाब में जिस तरह की सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही है। उसके मद्देनजर सरकार पंजाब पुलिस में स्वीकृत पदों की संख्या 1.25 लाख करना चाहती है। इसी लक्ष्य के चलते पहले चरण में 10 हजार नए पदों को सृजित किया जा रहा है। जिसके लिए जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी।

पंजाब पुलिस में जवानों और अफसरों की संख्या देखी जाए तो साल 2000 में यह 80 हजार के करीब थी। साल 2026 में भी कुल पदों की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई मगर सूबे में सुरक्षा की संवेदनशीलता बढ़ती गई। वर्तमान स्थिति यदि देखें तो पंजाब की आबादी भी करीब साढ़े तीन करोड़ के आसपास पहुंच चुकी है। ऐसे में आबादी के हिसाब से पुलिस की नफरी अपेक्षाकृत कम है।

इसके अलावा बॉर्डर पार से पाकिस्तानी की नापाक गतिविधियां, नशा और हथियार तस्करी, गैंगस्टरवाद, रंगदारी, हत्याएं, लूट, डकैती, चोरियां इत्यादि आपराधिक वारदातों ने भी पंजाब पुलिस की चुनौतियों को काफी बढ़ा दिया है। इन पर नकेल कसने और पंजाबियों को पूरी तरह सुरक्षित माहौल मुहैय्या करवाने के मकसद से सरकार को अब पुलिस जवानों और अफसरों की संख्या बढ़ाना जरूरत महसूस हो रही है।

इसके अलावा पंजाब सरकार ने क्रास बॉर्डर वेपन और ड्रग्स सिंडीकेट की तस्करी पर नकेल कसने के लिए पाकिस्तान बॉर्डर पर बीएसएफ की चौकियों से लगभग दो किलोमीटर पहले सेंकड लाइन ऑफ डिफेंस भी खड़ी करने का फैसला लिया है। इसके तहत कई छोटी-छोटी चौकियां खोली जा रही हैं। इन चौकियों पर पुलिस के जवान और होमगार्ड तैनात किए जा रहे हैं। इसके लिए भी अधिक पुलिस जवानों की जरूरत है।

दूसरी ओर, लंबे से पुलिस अफसरों और जवानों के पद भी रिक्त पड़े रहते थे। भर्ती प्रक्रिया लटकी रहती थी। आप सरकार ने पिछले चार साल में पुलिस के 12966 रिक्त पदों को भरकर स्टाफ की कमी से जूझ रही पंजाब पुलिस को कुछ राहत देने की कोशिश की है।

चुनावी साल में भर्तियां करती थी सरकारें

पिछली रिवायती सरकारों की भर्ती प्रक्रिया भी सियासी फायदा के लिए होती थी। सत्ता में आने के बाद चार साल भर्तियां लटकी रहती थीं और पांचवें चुनावी साल में भर्तियां करतेथे मगर वे भी अपने रिश्तेदारों और सिफारिशी लोगों को नौकरी देते थे। 26 साल से पुलिस की नफरी जितनी थी, आज भी उतनी ही है। हम पंजाब पुलिस के स्वीकृत पदों को पहले 90 हजार तक लेकर जाएंगे और उसके बाद 1.25 लाख करेंगे।– भगवंत मान, मुख्यमंत्री, पंजाब

Farheen
Author: Farheen

सबसे ज्यादा पड़ गई