आगरा में हादसे के बाद क्षतिग्रस्त ट्रक 33 घंटे तक हाईवे पर खड़ा रहा, जिससे लापरवाही उजागर हुई। एनएचएआई ने देर से कार्रवाई कर ट्रक हटाया, जबकि इससे और हादसे का खतरा बना रहा।

हाईवे पर बृहस्पतिवार सुबह खड़े ट्रक से टकरा कर ट्रक चालक और क्लीनर की मौत के बाद भी लापरवाही देखने को मिली। हादसे में क्षतिग्रस्त ट्रक 33 घंटे तक हाईवे पर ही खड़ा रहा और किसी जिम्मेदार ने सुध नहीं ली। गनीमत रही कि खड़े ट्रक से हादसे की पुनरावृत्ति नहीं हुई। शुक्रवार शाम करीब तीन बजे क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त ट्रक को हटाया जा सका।
दिल्ली हाईवे पर आईएसबीटी के पास शुक्रवार सुबह मथुरा की ओर जा रहे ट्रक का डीजल खत्म होने पर चालक ट्रक को हाईवे पर ही खड़ा कर चला गया। इसके बाद पीछे से गर्डर लेकर आ रहा ट्रॉला खड़े ट्रक से टकरा गया। हादसे में राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी चालक कालू कुम्हार और क्लीनर रोहित उर्फ कान्हा की मौत हुई थी। उन्हें केबिन से निकालने के लिए पुलिस को फायरब्रिगेड की मदद लेनी पड़ी थी। हाईवे पर लंबा जाम लगा था। दोपहर बाद खड़े ट्रक को हटवाकर यातायात शुरू करा दिया गया था। हाईवे पर ट्रक खड़ा होने से हादसा होने के बाद भी जिम्मेदारों ने सबक नहीं लिया। क्षतिग्रस्त ट्रक हाईवे पर ही खड़ा रहा। इसके चलते भारी वाहनों को निकलने में काफी परेशानी हो रही थी।
वहीं खड़े ट्रक से किसी अन्य वाहन के टकराने का भी डर था। शाम तीन बजे एनएचएआई ने सुध ली और क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त ट्रक को हटाया गया। हटाने का काम करने के दौरान भी हाईवे पर काफी देर तक जाम के हालात रहे। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के घटना प्रबंधक दीपक खटाना ने बताया कि ट्रक गर्डर से भरा हुआ था। इसको खाली करने में समय लगा, हादसे के बाद से ही टीम इसको अनलोड करवाने में लगी हुई थी। इसके चलते देरी हुई। ट्रक को हटवा दिया गया है।