अफगानिस्तान व पाकिस्तान के आसपास केंद्रित पश्चिमी विक्षोभ के असर की वजह से शुक्रवार रातआंधी-बारिश और ओलावृष्टि के बीच मौसम विज्ञान विभाग ने शनिवार को भी आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का अनुमान है कि शनिवार को भी 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ बारिश व ओलावृष्टि हो सकती है।

आगरा के देहात क्षेत्रों में शुक्रवार रात आसमान से आफत बरसी। फतेहपुर सीकरी, कागारौल, फतेहाबाद, अकोला, बिचपुरी, खेरागढ़, इरादतनगर और किरावली में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को जबरदस्त नुकसान हुआ। मौसम की बेरुखी से किसान खासे चिंतित नजर आए। किसानों ने प्रशासनिक अमले से मुआवजे के लिए संपर्क साधना शुरू कर दिया है। वहीं, किसान नेताओं व स्थानीय राजनेताओं ने भी किसानों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाना शुरू कर दिया है।
फतेहाबाद में तेज आंधी के बाद बारिश और ओले भी गिरे। इस दौरान खेतों में खड़ी और कटी हुई गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं किरावली के गांवों में आंधी, बारिश और ओले गिरने से गेहूं फसल में नुकसान हुआ है। गांव बैमन, बसेरीचाहर, रोझौली, मसेलिया, जैंगारा में ओले गिरने से फसलों में भारी नुकसान हुआ है। किसान नेताओं और ग्रामीणों सौदान सिंह, प्रेम सिंह, ओमप्रकाश, हरेंद्र, विशंभर प्रधान आदि ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिया जाए। किसानों का कहना है कि लागत निकालना तो दूर, अब घर चलाने का संकट सामने खड़ा है।
जौ की फसल भी हुई तबाह
शुक्रवार रात आंधी के बाद बारिश और ओलावृष्टि से अकोला, रामनगर, गहर्रा खुर्द, गहर्रा कलां, अखवाई, मुरकिया, उजरई, नगला परमाल, नगला जयराम, बेरी चाहर आदि दर्जनों गावों में गेहूं और जौ की फसलों में भारी नुकसान हुआ है। किसानों के नुकसान को देखते हुए समाजसेवी अरविंद चाहर, भाजपा नेता अशोक लवानियां, अरुण कांत लवानियां, शैलेंद्र सिंह उर्फ शैली, सत्यभान सिंह आदि किसानों ने सरकार से किसानों के हुए नुकसान का मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
इधर, मलपुरा के गांव जारूआ कटरा, भांडई, सिरौली, कुठाबली, इटौरा, बाद आदि गांव में बारिश और ओलावृष्टि की वजह से किसानों की गेहूं की फसल में नुकसान होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। जारूआ कटरा के किसान उमेश दुबे ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि से जामुन और फालसा की खेती में नुकसान हुआ है।
सब्जियाें की फसलें भी बर्बाद
कृषि विज्ञान केंद्र बिचपुरी के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान ने बताया तेज हवा से गेहूं की खड़ी फसल जमीन पर बिछ गई है, जिससे दाने की गुणवत्ता और पैदावार दोनों घटेगी। भिंडी, लौकी, तोरई, मक्का, कद्दू, खीरा और टमाटर की फसलें ओलावृष्टि से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। फसल खराब होने से भूसे का उत्पादन कम होगा, जिससे पशुपालकों के सामने चारे का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
जामुन और फालसा की खेती को नुकसान
फतेहपुर सीकरी। क्षेत्र के दुलारा, हंसपुरा, मंगोली, दूरा, सरसा, अरहेरा, जाजऊ और टीकरी गांवों में गेहूं की तैयार फसल पूरी तरह बिछ गई। अकोला, रामनगर, गहर्रा खुर्द, गहर्रा कलां, अखवाई, मुरकिया, उजरई, नगला परमाल, नगला जयराम, बेरी चाहर आदि दर्जनों गावों में गेहूं और जौ की फसलों में भारी नुकसान हुआ है। जारूआ कटरा, भांडई, सिरौली, कुठाबली, इटौरा, बाद आदि गांव में गेहूं, जामुन और फालसा की खेती में नुकसान हुआ है।
भंडारण से पहले छिना निवाला
कागारौल। कस्बे सहित वघा, सोनिगा, विश्रामपुर, गढ़मुक्खा, इकरामनगर, बेमन, लौरिया, टीकरी, बसेरी और जैंगारा जैसे गांवों में ओलों की सफेद चादर बिछ गई। किसान राजेंद्र सिंह और उदय सिंह ने बताया कि फसल कटाई का समय था लेकिन कुदरत ने भंडारण से पहले ही निवाला छीन लिया। खेतों में कटी पड़ी फसल भीगने से दाना काला पड़ने और झड़ने की आशंका है।
सरसों व जौ की कटाई प्रभावित
कुबेरपुर। क्षेत्र के गांव गढ़ी रामी, चौगान, छलेसर, दलेलनगर, रहनकलां, रायपुर, गढ़ी संपत, कुबेरपुर, नया बांस आदि गांवों में आंधी, बारिश के दौरान ओले भी गिरे हैं। नया बांस निवासी अशोक कुशवाहा व गांव रहनकला के मजरा रघुवंशपुरा निवासी राम किशन निषाद ने बताया कि इस समय गेहूं और जौ की कटाई चल रही है। आंधी के साथ आई बारिश और ओले गिरने से कटाई प्रभावित हुई है। साल भर की मेहनत एन समय पर बर्बाद होने के कगार पर है।
झमाझम बारिश से अंधेरे में डूबा यमुनापार, अंडरपास और सड़कें बनीं तालाब
आंधी-तेज बारिश ने यमुनापार के इलाकों में व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। महज कुछ देर की बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। टेढ़ी बगिया से लेकर कालिंदी विहार तक दर्जनों कॉलोनियों में बिजली गुल होने और सड़कों पर जलभराव के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश शुरू होते ही रामबाग, यमुना ब्रिज, शाहदरा, कालिंदी विहार और नारायच क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। कई इलाकों में दो घंटे बाद बिजली लौटी तो वहीं कई मोहल्लों में देर रात तक अंधेरा छाया रहा।
वहीं, प्रकाश नगर अंडरपास में पानी भरने से वाहनों की रफ्तार थम गई। 100 फीट रोड पर दोपहिया और छोटे वाहन चालकों को पानी के बीच से निकलने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। इस्लाम नगर निवासी समीर और अन्य स्थानीय लोगों का कहना है कि हल्की बारिश में भी इलाका टापू बन जाता है।
एहतियातन बंद की गई थी आपूर्ति
उपाध्यक्ष टोरंट पावर संजय कुमार ने बताया कि अचानक मौसम खराब होने की वजह से एहतियातन सप्लाई बंद की गई थी। कुछ जगह होर्डिंग व पेड़ गिरने की सूचना पर टीमें लगाकर युद्धस्तर पर काम कराया जा रहा है। लाइन ठीक होने के साथ ही सप्लाई को चालू किया जा रहा है।