आगरा में पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर पति की शराब पिलाकर हत्या कर दी और शव को जलाने की कोशिश की। हत्या के बाद दोनों ने साथ बैठकर पार्टी की, लेकिन पुलिस जांच में पूरा राज खुल गया।

दृश्यम फिल्म में जिस तरह से हत्या के बाद साक्ष्य मिटा दिए गए थे, उसी तरह सैंया के मजदूर लोकेंद्र (29) की हत्या कर लाश को ठिकाने लगाने की प्लानिंग थी। पत्नी के प्रेमी और उसके साथी ने शराब पिलाकर लोकेंद्र का गला दबा दिया। वह मरा नहीं, बेहोश हो गया। इस पर दोनों ने पहले शराब डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की। सफल नहीं हुए तो गेहूं की बाली डालकर पेट्रोल से आग लगाई थी। जलने से लोकेंद्र की माैत हुई। मगर लाश अधजली रह गई। पुलिस ने मृतक की पत्नी, उसके प्रेमी और साथी को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया।
सैंया निवासी लोकेंद्र मजदूरी करते थे। बुधवार सुबह घर से निकले थे। शाम को उनका अधजला शव खेत में पड़ा मिला था। बृहस्पतिवार सुबह शिनाख्त हुई। पुलिस ने घटनास्थल से शराब की बोतल, खाने के लिए लाए गए फल का कागज बरामद किया था। शराब के ठेके के सीसीटीवी फुटेज से सुराग मिल गए। इसके बाद पुलिस ने मृतक के घर के पास ही रहने वाले महेश और उसके दोस्त धर्मवीर को गिरफ्तार किया। उन्होंने हत्या की बात कबूल कर ली।
एसीपी डाॅ. सुकन्या शर्मा ने बताया कि महेश की नजर लोकेंद्र की संपत्ति पर थी। वह उसकी पत्नी से अवैध संबंध के साथ ही उससे रुपये लेकर खर्च भी करता था। लोकेंद्र की एक बीघा जमीन थी। इसमें वो जमीन के हिस्से करके प्लाॅट बनाकर बेच रहा था। हाल ही में प्लाॅट बेचने पर 4.50 लाख रुपये मिले थे। रुपये लोकेंद्र की पत्नी ने अपने पास रख लिए थे। वह प्रेमी को समय-समय पर रकम देती थी। हत्या के बाद महेश शहर और धर्मवीर अपने घर चला गया था। रात में महेश ने प्रेमिका से घर आकर मुलाकात की। दोनों ने साथ बैठकर पार्टी की। पास्ता बनाकर खाया। उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि पकड़े जाएंगे। उन्हें लग रहा था कि शव पूरी तरह से जल जाएगा। मगर ऐसा नहीं हुआ। कुछ देर बाद ही शव मिल गया। पुलिस ने महेश और मृतक की पत्नी के मोबाइल कब्जे में लिए। इनमें दोनों के साथ खिंची फोटो मिल गईं। काॅल डिटेल में भी दोनों के बीच बातचीत की पुष्टि हुई। वहीं घटना के दाैरान पहने हुए कपड़ों पर लगा खून और सीसीटीवी फुटेज अहम सुराग हैं।
दृश्यम फिल्म में अभिनेता अजय देवगन ने दुर्घटनावश हुई हत्या से बचने और साक्ष्य मिटाने के प्रयास किए थे। फिल्म में दिखाया गया था कि वह किस तरह से हत्या की घटना से बच जाता है। इसी तरह से ही लोकेंद्र की हत्या के बाद महेश भी बचना चाहता था। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि वह ठेल जरूर लगाता है। मगर दृश्यम फिल्म को कई बार देखा था। इससे उसे लोकेंद्र की हत्या का आइडिया आया। उसे लग रहा था कि खेत में शव जला देगा तो किसी को पता नहीं चलेगा। लोग यही समझेंगे कि लोकेंद्र पत्नी से झगड़े के कारण कहीं चला गया। उसने अपने दोस्त धर्मवीर को 75 रुपये की देसी शराब का पाैवा पिलाने का लालच देकर अपने साथ शामिल कर लिया था।