आंधी और बारिश से जनपद के किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि गेहूं की फसल गिरने और सरसों के दानों के बाली में ही अंकुरित होने का खतरा है।

आगरा के विभिन्न क्षेत्रों में बृहस्पतिवार देर शाम आंधी के साथ बारिश हुई। इस बदले मौसम से किसानों की चिंता बढ़ गई है। रबी और जायद दोनों फसलों पर इसका प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
कृषि विज्ञान केंद्र बिचपुरी के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि तेज आंधी से गेहूं की फसल गिर सकती है। इससे गेहूं की पैदावार में कमी आने की संभावना है। सरसों की फसल इस समय पकने की स्थिति में है। बारिश के कारण पका हुआ दाना बाली में ही दोबारा अंकुरित हो सकता है। इससे सरसों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों प्रभावित होंगे।
आलू की खुदाई के बाद खेत में पड़े रहने पर बारिश से उसमें फफूंदी लगने का खतरा है। इससे आलू खराब हो सकता है और किसानों को आर्थिक नुकसान होगा।
मूंग की बुवाई पर असर
लगातार नमी रहने से मूंग की बुवाई में लगभग एक सप्ताह की देरी हो सकती है। यह देरी फसल चक्र को भी प्रभावित करेगी। किसानों को इस अप्रत्याशित मौसम से भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों ने किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।