Iran War: अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला, होर्मुज के पास गिराया 5000 पाउंड वजनी बम; मिसाइल ठिकाने बने निशाना

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पश्चिम एशिया में हर बदलते दिन के साथ तनाव और गहराता जा रहा है। एक ओर अमेरिका और इस्राइल की ओर से ईरान पर भीषण हमले जारी हैं। वहीं, पलटवार कर तेहरान भी इस्राइल के साथ खाड़ी देशों में बने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और दूतावासों पर मिसाइलें बरसा रहा है।

पश्चिम-एशिया संघर्ष पांचवें दिन भी जारी, इज़राइल | डीडी न्यूज़ ऑन एयर

अमेरिका ने बुधवार की तड़के ईरान पर कई बड़े हमले किए हैं। अमेरिकी सेना ने बताया कि इन हमलों में 5,000 पाउंड (करीब 2267 किलोग्राम) वजनी डीप पेनेट्रेटर बमों का इस्तेमाल किया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, इन हमलों में होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के तटीय क्षेत्रों में स्थित कड़े सुरक्षा वाले मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया गया।

अमेरिकी सेना के बयान में कहा गया कि इन ठिकानों पर मौजूद एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात के लिए खतरा बन रही थीं, इसलिए यह कार्रवाई की गई। इस बीच ईरान ने इस्राइल के मध्य क्षेत्र में बैलिस्टिक मिसाइल हमले किए, जिनमें दो लोगों की मौत हो गई।

इस्राइल पर ईरानी हमलों में दो लोगों की मौत
इस्राइल की आपातकालीन सेवा मैगन डेविड एडोम (एमडीए) के अनुसार, रमत गन शहर में एक पुरुष और एक महिला की मौत गंभीर छर्रे लगने से हुई। वहीं, तेल अवीव के उत्तर में स्थित बेनी ब्राक शहर में भी मिसाइल के टुकड़े गिरने से एक व्यक्ति घायल हुआ है। दूसरी ओर संयुक्त अरब अमीरात में भी ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमलों की पुष्टि हुई है।

ईरान ने तेज किए अमेरिकी ठिकानों पर हमले
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में वायु रक्षा प्रणालियों ने बैलिस्टिक मिसाइलों को रोका और लड़ाकू विमानों ने ईरानी ड्रोन्स को मार गिराया। राष्ट्रीय आपातकालीन संकट और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है। पूरे देश में सायरन बजते हुए सुनाई दिए, जिन्हें सफल इंटरसेप्शन ऑपरेशन का नतीजा बताया गया।

खाड़ी देशों में बजते रहे सायरन
बहरीन के गृह मंत्रालय ने भी सायरन बजने की पुष्टि करते हुए नागरिकों और निवासियों से शांत रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने का आग्रह किया। कुवैत में भी सेना ने बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियां दुश्मन के मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब दे रही हैं और धमाकों की आवाजें इन्हीं इंटरसेप्शन की वजह से हैं।

ईरान के दो शीर्ष अधिकारियों की मौत
वहीं, इस्राइल की ओर से भी ईरान पर लगातार हवाई हमले किए जा रहे हैं। बीते दिन इस्राइली सेना के हमलों में ईरान के शीर्ष अधिकारी अली लारीजानी और बासिज फोर्स के कमांडर गुलामरेजा सुलेमानी की मौत हो गई। वहीं, इस्राइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत पर भारी हवाई हमले किए हैं।

 

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Author: ILMA NEWSINDIA

सबसे ज्यादा पड़ गई

हालांकि निजी अस्पतालों की बात करें तो वहां इलाज का औसत खर्च 42,359 रुपये है, जो देश के औसत 50,508 रुपये से कम है। इसके बावजूद यह खर्च आम परिवार के लिए भारी ही साबित होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि दवाइयों, जांचों और अन्य सहायक सेवाओं पर होने वाला अतिरिक्त खर्च मरीजों की जेब पर दबाव बढ़ा रहा है। सरकारी अस्पतालों में भी पूरी तरह मुफ्त या सस्ती सुविधाएं उपलब्ध न होने के कारण लोगों को बाहर से सेवाएं लेनी पड़ती हैं, जिससे कुल खर्च बढ़ जाता है। ये आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि हरियाणा में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को और किफायती बनाने की जरूरत है ताकि लोगों पर इलाज का आर्थिक बोझ कम हो सके। साथ ही, जेब से होने वाले खर्च (आउट-ऑफ-पॉकेट एक्सपेंडिचर) को घटाने के लिए प्रभावी नीतियों की भी आवश्यकता है। चेरिटेबल अस्पतालों की स्थिति बेहतर चेरिटेबल अस्पतालों में दूसरे राज्यों व राष्ट्रीय औसत के मुकाबले खर्च आधे से भी कम है। हरियाणा में प्रति इलाज चेरिटेबल अस्पताल में औसत मेडिकल खर्च 16945 रुपये है जबकि अखिल भारतीय औसत 39,530 रुपये है। एक बार भर्ती होने पर खर्च हो जाते हैं 33,713 रुपये शहरी व ग्रामीण के सरकारी व प्राइवेट अस्पताल में ओवरआल औसतन खर्च हरियाणा में सस्ता है। आंकड़ों से पता चला कि हरियाणा में अस्पताल में भर्ती होने के हर मामले पर औसत मेडिकल खर्च 33,713 आता है, जो भारतीय औसत 34,064 रुपये से थोड़ा कम है। पंजाब में औसतन खर्च 35,703 रुपये है। जिन बीमारियों में भर्ती की जरूरत नहीं होती, उसमें भी ज्यादा खर्च कुछ ऐसी बीमारियां होती हैं जिसमें भर्ती होने की जरूरत नहीं होती, उसमें भी हरियाणा में इलाज कराना काफी महंगा है। हरियाणा में प्रति इलाज गांव में औसतन 1361 रुपये और शहर में 1464 रुपये का खर्च आता है जबकि राष्ट्रीय औसत गांव में 847 रुपये है और शहर में 884 रुपये है। यानी हरियाणा में इलाज का औसत खर्च राष्ट्रीय औसत से करीब 547 रुपये (63%) अधिक है। पड़ोसी राज्य पंजाब के गांव में औसतन खर्च 1283 रुपये और शहर में 1158 रुपये है। खाने का खर्च जोड़ने से खर्चा और बढ़ता है इलाज का खर्च सिर्फ दवा और अस्पताल तक सीमित नहीं रहता बल्कि आने-जाने और खाने का खर्च जोड़ने पर यह और बढ़ जाता है। हरियाणा में एक बार इलाज पर औसतन करीब 45,183 रुपये खर्च आता है। पूरे देश में यही औसत 41,463 रुपये है। यानी हरियाणा में लोगों को राष्ट्रीय औसत के मुकाबले करीब 3,720 रुपये (9%) ज्यादा खर्च करने पड़ते हैं। दूसरी ओर, पंजाब में भी अस्पताल में भर्ती होने पर कुल औसत खर्च 42,319 रुपये है। कारण : दवाओं व सर्जिकल आइटम की कमी से बढ़ता है खर्च पीजीआई रोहतक के पूर्व सर्जन डा. रणबीर दहिया कहते हैं कि सरकारी अस्पतालों में दवाइयां कम मिलती है। डाक्टर की लिखी पांच में से सिर्फ एक या दो दवाइयां ही अस्पताल में मिलती है। बाकी दवाइयां मरीजों को बाहर से खरीदनी पड़ती हैं। इसी तरह से हड्डियों के ऑपरेशन में लगने वाले इंप्लांट सरकारी अस्पताल में नहीं मिलते हैं। मरीज जब बाहर से खरीदता है तो उसका खर्च तो बढ़ जाता है। कई बार अस्पतालों में इतनी भीड़ होती है या टेस्ट की वेटिंग इतनी लंबी हो जाती है कि मरीज को प्राइवेट में जांच कराना आसान लगता है। इस वजह से खर्च बढ़ता है। इलाज के लिए बार-बार अस्पताल में आने से भी खर्च बढ़ता है। वहीं, आईएमए के पूर्व प्रधान डाॅ. अजय महाजन कहते हैं कि सरकारी अस्पतालों में अक्सर देखा जाता है कि दवाइयां और सर्जिकल सामान बाहर से मंगवाया जाता है, जिसकी वजह से खर्च बढ़ जाता है। मरीज का सबसे ज्यादा खर्च दवाइयों में होता है। किस राज्य में सरकारी अस्पताल में प्रति इलाज कितना खर्च क्रमांक राज्य / केंद्र शासित प्रदेश प्रति इलाज खर्च (₹) 1 छत्तीसगढ़ 3,913 2 दिल्ली 6,394 3 मध्य प्रदेश 4,647 4 राजस्थान 4,177 5 पंजाब 12,200 6 चंडीगढ़ 24,013