झुंझुनूं के गुढ़ागौड़जी में पुलिस से घिरने पर हिस्ट्रीशीटर रोहित महला ने पिकअप से दो पुलिस गाड़ियों को टक्कर मार दी। एएसआई समेत चार पुलिसकर्मी घायल हुए। पिकअप बंद होने पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया, जबकि उसके कुछ साथी अंधेरे में फरार हो गए।

झुंझुनूं जिले के गुढ़ागौड़जी कस्बे में शुक्रवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर ने खुद को पुलिस से घिरा देख अपनी पिकअप गाड़ी को ही हथियार बना लिया। बांडिया नाले के पास हुई इस घटना में हिस्ट्रीशीटर ने पुलिस की दो गाड़ियों को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे एक एएसआई समेत चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस दौरान हिस्ट्रीशीटर रोहित महला भी घायल हो गया।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गुढ़ागौड़जी थाना क्षेत्र के बड़ की ढाणी निवासी और थाने का हिस्ट्रीशीटर रोहित महला कस्बे में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा है। सूचना के बाद पुलिस पिछले तीन दिनों से उसकी तलाश में जुटी थी और इलाके में घेराबंदी कर रही थी।
शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ से नौ बजे के बीच रोहित की लोकेशन मिलने पर गुढ़ा थाने के एएसआई सज्जन कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं दूसरी ओर से चंवरा चौकी की पुलिस टीम ने भी इलाके में मोर्चा संभाल लिया। बांडिया नाले के पास पुलिस ने रोहित की पिकअप को दोनों तरफ से घेर लिया।
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चारों तरफ से घिरने के बाद रोहित ने आत्मसमर्पण करने के बजाय भागने की कोशिश की। उसने सबसे पहले अपनी पिकअप से सामने खड़ी गुढ़ा थाने की पुलिस गाड़ी को जोरदार टक्कर मारी। इसके बाद तुरंत गाड़ी को बैक गियर में डालकर पीछे खड़ी चंवरा चौकी की गाड़ी को भी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों पुलिस वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इस हमले में पुलिस वाहन चालक भूपेंद्र के दाएं हाथ में फ्रैक्चर हो गया, जबकि एएसआई सज्जन कुमार, कॉन्स्टेबल अशोक और रविकांत भी घायल हो गए।
टक्कर के दौरान रोहित की पिकअप अचानक बंद हो गई, जिसके कारण वह मौके से भाग नहीं सका। पुलिस ने तुरंत उसे दबोच लिया। हालांकि अंधेरे का फायदा उठाकर उसके कुछ साथी मौके से फरार होने में कामयाब हो गए। घटना में रोहित के दोनों पैरों में गंभीर चोटें आई हैं।
गुढ़ागौड़जी थाने के एसएचओ सुरेश रोलन के अनुसार, रोहित महला एक शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, लूटपाट और जानलेवा हमले सहित करीब 19 गंभीर मामले दर्ज हैं। वह करीब एक महीने पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आया था और बाहर आते ही फिर से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय हो गया था।