22 फरवरी की रात को हमलावरों ने आधियां स्थित चौकी में तैनात होमगार्ड के जवान अशोक कुमार और पंजाब पुलिस के एएसआई गुरनाम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। यह इलाका बॉर्डर से कुछ दूरी पर है।

गुरदासपुर के सीमावर्ती गांव आधियां में पुलिस चौकी के भीतर एएसआई और होमगार्ड जवान की हत्या के मामले में अभी तक पंजाब पुलिस उलझी हुई है।
पुलिस यह तय नहीं कर पा रही है कि यह घटना आतंकी है या गैंगस्टरों द्वारा की गई वारदात। उधर, इसे खनन माफिया द्वारा किए गए हमले के एंगल से भी जोड़कर जांच की जा रही है। इस केस की गुत्थी सुलझाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
22 फरवरी की रात को हुई थी हत्या
22 फरवरी की रात को आधियां चौकी में होमगार्ड के जवान अशोक कुमार और पंजाब पुलिस के एएसआई गुरनाम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद पाकिस्तान के गैंगस्टर शहजाद भट्टी ने इसे अपने गुर्गों द्वारा करवाई गई वारदात बताया तो उधर आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान ने इसकी जिम्मेदारी ली। जवाब में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गे भी धमकियां देने में लगे हुए हैं मगर पंजाब पुलिस को अभी तक इस घटना में कोई पुख्ता सुराग नहीं मिल पाया है। अब भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने इस मामले की जांच एनआईए को देने की मांग उठाई है।
सीएम बोले, अभी जांच चल रही
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इस मामले में विभिन्न एंगलों से जांच की जा रही है। वित्तमंत्री हरपाल चीमा कहते हैं कि मामला गंभीर है। यह घटना आतंकी है या गैंगस्टरों ने इस घटना को अंजाम दिया है, इसका खुलासा पंजाब पुलिस ही कर पाएगी। उधर, विशेष डीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) अर्पित शुक्ला कहते हैं कि पुलिस इस घटना की जांच विभिन्न एंगल से कर रही है। कुछ सबूत हाथ लगे हैं और आरोपी जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में होंगे। इस मामले में कोई खुफिया सूचना नहीं थी।