Rajasthan Budget 2026: बजट पर आज से सदन में होगी बहस शुरू; क्या देवस्थान की जमीन निजी हाथों में देगी सरकार?

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राजस्थान विधानसभा में बजट पर चर्चा आज से शुरू हो रही है।  पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने पेंशन में बढ़ोतरी न होने और ERCP की अनदेखी पर बजट को निराशाजनक बताया है।

Rajasthan Budget 2026:बजट पर आज से सदन में होगी बहस शुरू; क्या देवस्थान की  जमीन निजी हाथों में देगी सरकार? - Rajasthan Budget 2026-27: Debate Begins  In Assembly As Gehlot Slams ...

राजस्थान विधानसभा में बुधवार को राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट अनुमान पेश कर दिए। आज से इन बजट प्रस्तावों पर सदन में बहस शुरू होगी। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी बहस के लिए सभी दलों को समय आवंटित करेंगे। बजट पर बहस के बाद विधानसभा में विभागवार कटौती प्रस्ताव भी पेश होंगे। इसके बाद बजट के पारण की प्रक्रिया पूरी होगी। लेकिन फिलहाल विपक्ष की ओर से बजट का पोस्टमार्टम जारी है। बजट में देवस्थान विभाग को लेकर सरकार की ओर से की गई घोषणा भी अब चर्चाओं में है। इसमें वित्त मंत्री दीया कुमारी ने ऐलान किया है कि देवस्थान विभाग की धर्मशालाओं की मरम्मत एवं जीर्णोद्धार के कार्य करवाए जाएंगे। साथ ही, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए देवस्थान विभाग के अधीन रिक्त भूमि पर धर्मशालाओं के निर्माण एवं संचालन हेतु Build-Operate-Transfer (BOT) आधारित नवीन नीति बनाए जाने का भी प्रस्ताव है। ऐसे में अब इस घोषणा को लेकर यह सवाल भी उठने लगे हैं कि क्या सरकार देवस्थान विभाग की जमीनों को धर्मशालाओं के संचालन के नाम पर निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर चुकी है।

गहलोत बोले- बजट में ऐसी घोषणा नहीं जिसे जनहित में कहा जा सके
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने बजट को निराशाजनक बताया है।  गहलोत ने कहा कि भाजपा सरकार के बजट में कोई घोषणा ऐसी नहीं है जिसे व्यापक जनहित में कहा जा सके। उन्होंने कहा कि समाज का हर वर्ग इस बजट को देखकर हताश होगा। इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करने वाली भाजपा सरकार ने पूरे बजट में रिफाइनरी तथा ERCP जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स का जिक्र तक नहीं किया है। पिछले बजट में रिफाइनरी का उद्घाटन अगस्त, 2025 तक करने की घोषणा की गई जो आज तक पूरी नहीं हुई है।  सामाजिक सुरक्षा पेंशन में हर वर्ष 15% बढ़ोतरी का प्रावधान कांग्रेस सरकार ने किया था। पिछले दो बजट में इस बढ़ोत्तरी की घोषणा भी की जाती थी परन्तु इस बार सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बढ़ोत्तरी की कोई घोषणा न होने से 90 लाख से अधिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों में निराशा हुई है।  5 साल में 4 लाख सरकारी नौकरी की आस लगाकर बैठे युवाओं के लिए किसी बड़ी भर्ती की घोषणा नहीं की गई है। कम पदों पर भी भर्तियां संविदा आधार पर करने की घोषणा की है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की तर्ज पर स्टेट टेस्टिंग एजेंसी (STA) बनाने की घोषणा की गई है पर NTA बीते दिनों विवादों का केन्द्र बनी थी। RPSC में सदस्य संख्या बढ़ाकर 10 करने वाली भाजपा सरकार अभी तक RPSC सदस्यों की रिक्तियों तक को नहीं भर सकी है। STA केवल और केवल भाजपा सरकार के दौरान हो रहे OMR घोटाले से युवाओं का ध्यान हटाने की कवायद लगती है।