Dausa: दौसा में सोमवार को रानी बीड नामक 12 बीघा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने के दौरान विधायक दीनदयाल बैरवा और तहसीलदार गजानंद मीणा के बीच विवाद हो गया। इस दौरान दोनों के बीच तीखी बहस हो गई।

दौसा में सोमवार दोपहर को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान विधायक और तहसीलदार आपस में भिड़ गए। यह घटना जयपुर-दौसा हाईवे पर ट्रक यूनियन ऑफिस के सामने रानी बीड नामक 12 बीघा सरकारी जमीन पर हुई। तहसीलदार गजानंद मीणा अपने पूरे जाब्ते के साथ अतिक्रमण हटाने के लिए मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान कांग्रेस विधायक दीनदयाल बैरवा भी पहुंचे और लोगों के मकानों को तोड़े जाने के खिलाफ आपत्ति जताई।
सरकारी जमीन का मालिक मैं’
अतिक्रमण हटाने की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे विधायक ने तहसीलदार से पूछा कि अतिक्रमण हटाने का आदेश किसने दिया है। तहसीलदार ने जवाब दिया, ‘मैं खुद सरकारी जमीन का मालिक हूं, इसमें मुझे किसी से आदेश लेने की आवश्यकता नहीं है। आप कोर्ट जाएं या कलेक्टर से बात कर लें।’ इसके बाद विधायक ने जेसीबी को रोकने की कोशिश की, जबकि तहसीलदार ने कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए।
अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीबों के घर तोड़े जा रहे हैं’
विधायक ने आरोप लगाया कि तहसीलदार अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीबों के मकान तोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भूमि पर रह रहे कई लोगों के पास पुराने पट्टे हैं और कुछ मामलों में कोर्ट केस भी चल रहे हैं। अतिक्रमण हटाने की सूचना मिलने पर जब मैं मौके पर पहुंचा और तहसीलदार से कोर्ट का आदेश मांगा, तो उन्होंने बिफरते हुए खुद को जमीन का मालिक बताया और मुझे जेल भेजने की धमकी दी।
विधायक ने आरोप लगाया कि तहसीलदार अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीबों के मकान तोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भूमि पर रह रहे कई लोगों के पास पुराने पट्टे हैं और कुछ मामलों में कोर्ट केस भी चल रहे हैं। अतिक्रमण हटाने की सूचना मिलने पर जब मैं मौके पर पहुंचा और तहसीलदार से कोर्ट का आदेश मांगा, तो उन्होंने बिफरते हुए खुद को जमीन का मालिक बताया और मुझे जेल भेजने की धमकी दी।
‘जांच के बाद लिया जाएगा अंतिम फैसला’
तहसीलदार गजानंद मीणा ने बताया कि रानी की बीड के नाम से 12 बीघा बेशकीमती भूमि राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है। जिस पर कुछ लोगों ने अवैध कॉलोनी बना रखी थी। अतिक्रमण हटाने के दौरान कई पक्के निर्माण ध्वस्त किए गए। इस दौरान स्थानीय लोगों ने किसी प्रकार का विरोध नहीं किया, लेकिन विधायक ने कार्रवाई को लेकर आपत्ति जताई। इस पूरे प्रकरण पर कलेक्टर देवेन्द्र कुमार ने कहा कि अतिक्रमण को लेकर सूचना मिली थी। मामले की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
तहसीलदार गजानंद मीणा ने बताया कि रानी की बीड के नाम से 12 बीघा बेशकीमती भूमि राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है। जिस पर कुछ लोगों ने अवैध कॉलोनी बना रखी थी। अतिक्रमण हटाने के दौरान कई पक्के निर्माण ध्वस्त किए गए। इस दौरान स्थानीय लोगों ने किसी प्रकार का विरोध नहीं किया, लेकिन विधायक ने कार्रवाई को लेकर आपत्ति जताई। इस पूरे प्रकरण पर कलेक्टर देवेन्द्र कुमार ने कहा कि अतिक्रमण को लेकर सूचना मिली थी। मामले की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
