
डीजीपी अजय सिंघल का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तकनीकी आधारित क्राइम कड़ी चुनौती है, जिसे जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस ने व्यापक योजना तैयार की है। आगे एआई का भी अपराधी दुरुपयोग कर सकते हैं। अभी से पुलिस को इससे निपटने की तैयारी करनी होगी। वे शुक्रवार को रोहतक में पुलिस अधिकारियों, समाज के प्रभावशाली लोगों के साथ बैठक के बाद मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे।
डीजीपी ने कहा कि अपराधी सोशल मीडिया का दुरुपयोग करके युवाओं को अपने साथ जोड़ रहे हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं व उनके माता-पिता को समझने की जरूरत है कि अपराध का सफर जेल में जाकर खत्म होता है। उन इलाकों में पर फोकस करेगी जहां ज्यादा अपराध पनप रहा है। मौके पर आईजी सिमरदीप सिंह, एसपी सुरेंद्र भोरिया व अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।
उद्योगपति, शिक्षाविद्, व्यापारी, वकील व डॉक्टरों के साथ की बैठक
डीजीपी ने डीसी कांफ्रेंसिंग हॉल में शहर के उद्योगपति, शिक्षाविद्, वकील, व्यापारी व डॉक्टरों सहित अन्य वर्ग के विशेष लोगों के साथ बैठक की। न केवल शहर की कानून व्यवस्था को लेकर फीडबैक लिया, बल्कि सुझाव भी लिए। बैठक में सुपवा के वीसी डा. अमित आर्य, एमडीयू रजिस्ट्रार डॉ. कृष्णकांत, उद्योगपति राजेश जैन, जगमोहन मित्तल, बार के प्रधान दीपक हुड्डा, डॉक्टर आदित्य बतरा व अन्य प्रभावशाली व्यक्ति भी मौजूद रहे।



