रामनगरी अयोध्या में तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंसाचार्य को एक पखवाड़े के भीतर दूसरी बार जान से मारने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। ताजा मामला 29 जनवरी की रात का है, जब एक अज्ञात युवक ने फोन कर पहले अपशब्द कहे और फिर जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद जगद्गुरु परमहंसाचार्य ने अयोध्या पुलिस को लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस के अनुसार, धमकी भरा फोन कॉल रात करीब 9:26 बजे आया था। कॉल करने वाले की पहचान फिलहाल नहीं हो सकी है। जगद्गुरु परमहंसाचार्य ने बताया कि फोन करने वाले ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी 17 जनवरी को उन्हें इसी तरह फोन पर जान से मारने की धमकी दी गई थी। उस मामले में भी उन्होंने पुलिस को तहरीर दी थी, जिस पर केस दर्ज किया गया था। अब दूसरी बार धमकी मिलने के बाद पुलिस ने दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है।
जगद्गुरु परमहंसाचार्य ने पुलिस और प्रशासन से अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि लगातार मिल रही धमकियों के बावजूद अभी तक उनकी सुरक्षा व्यवस्था में कोई ठोस बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिससे वे और उनके अनुयायी चिंतित हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि वे हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर लंबे समय से सक्रिय हैं और इसी वजह से वे कथित तौर पर कट्टरपंथी तत्वों के निशाने पर हैं। उनका कहना है कि विचारधारा के कारण उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं, लेकिन प्रशासन इस पर गंभीरता नहीं दिखा रहा।
अयोध्या पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और कॉल डिटेल्स व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जल्द ही धमकी देने वाले की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद धार्मिक संगठनों और परमहंसाचार्य के समर्थकों में भी रोष देखा जा रहा है। समर्थकों ने प्रशासन से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।



