पन्ना: जिले में एक सरकारी आवासीय विद्यालय/छात्रावास में खाने की गुणवत्ता को लेकर छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। छात्राओं ने आरोप लगाया कि उन्हें जला हुआ और फेंकने लायक खाना परोसा जा रहा है, जिससे मजबूर होकर उन्होंने हंगामा किया और प्रशासन से शिकायत की।


छात्राओं का कहना है कि रसोई में तैनात कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं। कई बार खाने में जला हुआ चावल, अधपकी दाल और खराब सब्जी दी जाती है। जब छात्राएं इसका विरोध करती हैं तो उनसे अभद्र व्यवहार किया जाता है। नाराज छात्राओं ने कहा, “जला खाना दे रहे हैं, वो भी ऐसे फेंककर जैसे हमारी कोई कीमत ही न हो।”
हंगामे की सूचना मिलते ही विद्यालय और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्राओं को शांत कराया। छात्राओं ने अधिकारियों को अपनी समस्याएं बताते हुए कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। खराब खाने की वजह से कुछ छात्राओं की तबीयत बिगड़ने की बात भी सामने आई है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने रसोइयों को चेतावनी दी है और खाने की गुणवत्ता की जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि यदि आरोप सही पाए गए तो सख्त कार्रवाई की जाएगी और छात्राओं को आगे से स्वच्छ, पौष्टिक और सही गुणवत्ता का भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी संस्थानों में भोजन व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने भी मामले में जिम्मेदारों पर कार्रवाई और नियमित निरीक्षण की मांग की है।
फिलहाल छात्राएं प्रशासन के आश्वासन के बाद शांत हुईं, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो वे दोबारा आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगी।


