पार्टी नेताओं के अनुसार, मंत्री के पीए के अलावा जिला परिषद सदस्य मास्टर अवतार सिंह दहेड़ू, पार्षद सुखमनजीत सिंह समेत कई अन्य नेताओं के लिए भी कुर्सियों की कोई व्यवस्था नहीं थी।

खन्ना में 26 जनवरी को आयोजित गणतंत्र दिवस के सरकारी समारोह का आम आदमी पार्टी के नेताओं ने बहिष्कार कर दिया। पार्टी नेताओं का आरोप है कि समारोह में मंत्री तरूणप्रीत सिंह सौंध के पीए महेश कुमार समेत अन्य नेताओं के लिए बैठने की कुर्सी की व्यवस्था नहीं की गई।
नेताओं ने बताया कि वे प्रशासन के आमंत्रण पर सरकारी समारोह में पहुंचे थे, लेकिन कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही उन्हें उपेक्षा का सामना करना पड़ा। नेताओं का कहना है कि मंत्री के पीए महेश कुमार, जो सरकारी तौर पर एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं, उन्हें भी खड़े रहना पड़ा। इसे न सिर्फ प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताया गया, बल्कि सरकार और जनप्रतिनिधियों के अपमान के रूप में भी देखा गया।
पार्टी नेताओं के अनुसार, मंत्री के पीए के अलावा जिला परिषद सदस्य मास्टर अवतार सिंह दहेड़ू, पार्षद सुखमनजीत सिंह समेत कई अन्य नेताओं के लिए भी कुर्सियों की कोई व्यवस्था नहीं थी। आरोप लगाया गया कि हालात इतने खराब थे कि बीडीपीओ (ब्लॉक डेवेलपमेंट एंड पंचायत ऑफिसर) जैसे प्रशासनिक अधिकारी की कुर्सी तक नहीं लगाई गई थी। इससे साफ होता है कि राष्ट्रीय पर्व जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर भी आयोजन को लेकर प्रशासन ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई।
आम आदमी पार्टी के पार्षद सुखमनजीत सिंह ने कहा कि गणतंत्र दिवस देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और सम्मान का प्रतीक है। ऐसे समारोह में मंत्री के पीए जैसे सरकारी प्रतिनिधि को कुर्सी न मिलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब बुनियादी सम्मान भी नहीं दिया गया तो उनके पास समारोह से बाहर आने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।
इसी अपमानजनक व्यवहार से आहत होकर आम आदमी पार्टी के सभी नेता एकजुट होकर समारोह स्थल से बाहर चले गए। उधर, एसडीएम स्वाति टिवाणा का कहना है कि प्रोटोकाल के मुताबिक सभी के लिए कुर्सियां लगाई गई थीं। बकायदा कुर्सिय़ों के ऊपर स्टिकर लगे थे। सभी को बनता मान सम्मान दिया गया।


