पंजाब, जो देश की अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटा हुआ राज्य है, लंबे समय से गैंगस्टर और आतंकी गतिविधियों का प्रमुख निशाना रहा है। ऐसी परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था को मजबूत रखना पंजाब पुलिस के लिए निरंतर चुनौती साबित होता है। इसके बावजूद, पिछले साढ़े तीन वर्षों में पंजाब पुलिस ने संगठित अपराध और आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करके महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं।
तीन साल में बड़ा ऑपरेशन: अपराधियों पर लगातार शिकंजा
2022 से लेकर अब तक पंजाब सरकार और पुलिस ने राज्यभर में बड़े पैमाने पर अभियान चलाए। इसी दौरान:
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962 अपराधी/आतंकी मॉड्यूलों का भंडाफोड़
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24 कुख्यात गैंगस्टरों का एनकाउंटर
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2536 आरोपियों को गिरफ्तार
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2086 अवैध हथियार बरामद
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564 वाहन जब्त
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79 किलो हेरोइन और 4.69 करोड़ रुपये की ड्रग मनी ज़ब्त
डीजीपी गौरव यादव के अनुसार, गैंगस्टर कल्चर को खत्म करने की रणनीति के तहत अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रमोद बान की अगुवाई में एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) की स्थापना की गई। यह टास्क फोर्स विभिन्न इकाइयों के साथ मिलकर रियल-टाइम इंटेलिजेंस साझा करती है, जिससे अभियानों की सफलता दर और गति दोनों बढ़ी हैं।
324 मुठभेड़, 24 ढेर, 515 गिरफ्तारी
इस अवधि में अपराधियों के खिलाफ अभियान कई बार मुठभेड़ों तक पहुंचे। आंकड़ों के अनुसार:
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324 बार पुलिस की अपराधियों से भिड़ंत
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जिनमें 24 अपराधी मौके पर ढेर
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515 गिरफ्तार, जिनमें से 319 घायल
इन अभियानों में पुलिस के भी 3 जवान शहीद हुए और 41 पुलिसकर्मी घायल हुए — जो इस लड़ाई की गंभीरता को दर्शाता है।
कार्रवाई अब और तेज होगी
AGTF बनाने के बाद पंजाब पुलिस ने राज्य के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों में छिपे गैंगस्टरों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस का कहना है कि आने वाले समय में आतंक और गैंगस्टर नेटवर्क पर कार्रवाई को और आक्रामक और तेज़ किया जाएगा।