चंडीगढ़ में साल 2010 में हुई एमबीए स्टूडेंट की सनसनीखेज़ हत्या के मामले में लंबा इंतज़ार अब खत्म होने जा रहा है। अदालत ने इस मामले में आरोपी मोनू को दोषी करार दिया है और आज उसे सज़ा सुनाई जाएगी। कोर्ट में फैसला सुनाए जाने के समय पीड़िता के माता-पिता मौजूद थे और उन्होंने न्यायालय के निर्णय पर संतोष जताया।
12 साल तक नहीं मिला था कोई सुराग
छात्रा की हत्या के बाद करीब 12 वर्षों तक आरोपी का कोई पता नहीं चल सका था। 2022 में मलोया इलाके में एक महिला की हत्या की जांच के दौरान पुलिस के हाथ पहला बड़ा सुराग लगा। अपराध स्थल से मिले डीएनए सैंपल की जांच में संकेत मिले कि यह वही व्यक्ति हो सकता है जिसने 2010 की छात्रा हत्या की थी। जांच आगे बढ़ी और डीएनए मैच होने के बाद मोनू को गिरफ्तार किया गया।
बाद में फरवरी 2024 में मिली बुजुर्ग महिला के सैंपल से भी आरोपी का डीएनए मेल खा गया।
एक ही पैटर्न पर की गई चार वारदातें
तफ्तीश में खुलासा हुआ कि मोनू कोई साधारण अपराधी नहीं बल्कि सीरियल किलर है। उसने 2008 से 2024 के बीच एक बच्ची और तीन महिलाओं को लगभग एक जैसे तरीके से निशाना बनाया।
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2008 (चंबा, हिमाचल): 20 साल की उम्र में पहली वारदात, एक बच्ची से दुष्कर्म और पत्थर से सिर कुचल कर हत्या।
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2010 (चंडीगढ़): एमबीए छात्रा के साथ दरिंदगी और नुकीले पत्थर से वार कर हत्या।
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2022 (मलोया): जंगल क्षेत्र में विवाहिता की हत्या।
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फरवरी 2024: 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला की हत्या और दुष्कर्म का प्रयास। डीएनए आरोपी से मैच होने पर मामला पुख्ता हो गया।
इन सभी घटनाओं में हत्या और दुष्कर्म का लगभग एक जैसा पैटर्न सामने आया।
सीएफएसएल की जांच ने खोला पूरा राज़
सीएफएसएल के विशेषज्ञों ने आरोपी के खिलाफ मजबूत वैज्ञानिक सबूत जुटाने में अहम भूमिका निभाई। सबसे पहले विवाहिता महिला के सैंपल के साथ आरोपी का डीएनए मिलान करवाया गया। बाद में अन्य मामलों में भी डीएनए मैच होने से मोनू की कड़ी पूरी तरह मजबूत हो गई।
2010 की घटना कैसी हुई थी?
30 जुलाई 2010 को 21 वर्षीय छात्रा कोचिंग के लिए घर से निकली थी, लेकिन लौटकर नहीं आई।
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उसकी स्कूटी सेक्टर–38 के टैक्सी स्टैंड के पास मिली
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थोड़ी दूरी पर झाड़ियों में उसका खून से सना शव बरामद हुआ
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उसके सिर पर तेज़ वार के निशान और गला घोंटने के चिह्न मिले
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दुष्कर्म की पुष्टि भी हुई
पूछताछ में मोनू ने बताया पूरा घटना क्रम
मोनू ने स्वीकार किया कि घटना की शाम हल्की बारिश हो रही थी। छात्रा बारिश से बचने के लिए स्कूटी रोककर खड़ी हो गई। तभी उसने पीछे से पत्थर से वार किया, जिससे लड़की का चेहरा स्कूटी के शीशे से टकरा गया। वह लहूलुहान हो गई। इसके बाद आरोपी उसे घसीटकर जंगल में ले गया और दुष्कर्म करने के बाद हत्या कर दी।