होडल शहर में दो करोड़ रुपये नकद और करोड़ों के सोने–चांदी के आभूषण चोरी होने के मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान पीड़ित के ही रिश्तेदार—बहन और भांजे—को गिरफ्तार कर लिया था। दोनों से कुल 1 करोड़ 35 लाख रुपये बरामद कर उन्हें जेल भेज दिया गया था। अब जमानत पर बाहर आने के बाद बहन ने अपने भाइयों पर गंभीर आरोप लगा दिए, जिनका पीड़ित परिवार ने दृढ़ता से खंडन किया है।
शहर निवासी कैलाश चंद्र ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 17 मई को उनके भांजे धैर्य ढाका, बहन सीमा उर्फ लक्ष्मी ढाका और मामा के लड़के जितेंद्र ने मिलकर घर से 900 ग्राम सोना, 5 किलो चांदी और लगभग दो करोड़ रुपये नकद चोरी कर लिए और फरार हो गए। मामला दर्ज होने के बाद जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई।
क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनकी निशानदेही पर 1.35 करोड़ रुपये नकद बरामद किए। बाकी रकम और आभूषणों की रिकवरी अभी भी लंबित है।
जमानत पर रिहा होने के बाद आरोपी बहन लक्ष्मी ढाका ने भाई कैलाश और देशराज पर मकान हड़पने का आरोप लगाते हुए नया विवाद खड़ा कर दिया।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए पीड़ित देशराज ने गुरुवार को विश्रामगृह में प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि उनकी बहन के आरोप पूरी तरह झूठे और भ्रामक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब भी 65 लाख रुपये नकद और सोने–चांदी के कई आभूषण बरामद किए जाना बाकी है, जिसकी वजह से लक्ष्मी और उसका भांजा दबाव बनाने के लिए निराधार बयान दे रहे हैं।
पीड़ित परिवार का कहना है कि मामला अब भी गंभीर है और वे पूरी रिकवरी की मांग कर रहे हैं। पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।