Kota News: जबरन धर्म परिवर्तन मामले में दो पादरी डिटेन, सत्संग की आड़ में चल रहा था खेल

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Shikha Bhardwaj

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राजस्थान के कोटा जिले में सत्संग के नाम पर जबरन धर्म परिवर्तन का एक बड़ा मामला सामने आने के बाद पुलिस एक्शन में आ गई है। बोरखेड़ा थाना पुलिस ने कार्यक्रम में मौजूद दो पादरियों के खिलाफ नया लागू हुए Rajasthan Prohibition of Unlawful Conversion of Religion Act-2025 के तहत केस दर्ज किया है। माना जा रहा है कि इस एक्ट के तहत यह राज्य का पहला मामला है।Kerala Nuns Arrested in Chhattisgarh After Bajrang Dal Protest | Church  Alleges False Charges

पुलिस के अनुसार, 4 से 6 नवंबर के बीच कैनाल रोड स्थित बीरशेबा चर्च में आत्मिक सत्संग का आयोजन किया गया था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने और भड़काऊ बातें करने के आरोप सामने आए। वीडियो की जांच के बाद दिल्ली निवासी चंडी वर्गीश और कोटा के अरुण जॉन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।

वीडियो में क्या मिला?
प्राप्त फुटेज में एक पादरी को यह कहते सुना गया कि “राजस्थान में ईसाई बढ़ेंगे तो लोग पाप के बंधनों से मुक्त होंगे” और मौजूदा सरकार को “शैतान का राज” बताने जैसी टिप्पणियां भी मिलीं। बजरंग दल ने आरोप लगाया है कि यह संगठित तरीके से युवाओं को बहलाने और धर्म परिवर्तन की साजिश का हिस्सा है।

कानून क्या कहता है?
गृह विभाग ने 29 अक्टूबर को इस नए धर्मांतरण कानून की अधिसूचना जारी की थी। इसके तहत—

  • धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों में जमानत नहीं मिलेगी,

  • सजा के प्रावधान वर्ग अनुसार तय हैं,

  • और लव जिहाद जैसी श्रेणियों में 20 साल तक की कैद हो सकती है।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस सोशल मीडिया सामग्री, वीडियो फुटेज और सत्संग में मौजूद हिंदू समुदाय के लोगों के बयान जुटा रही है। फिलहाल दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ जारी है।

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Author: Shikha Bhardwaj

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