हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने खास बातचीत में बेबाकी से अपनी राय रखी। गुटबाजी से लेकर हरियाणा सरकार के कामकाज पर ये बात कही। साथ ही सैनी सरकार पर हमला भी बोला।

विस्तार
कांग्रेस हाईकमान ने करीब एक साल चिंतन-मंथन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को चौथी बार हरियाणा में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) का नेता चुना है। उनके और राव नरेंद्र सिंह के प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने पर पार्टी के अंदर ही कुछ नेता सवाल उठा रहे हैं।
शुक्रवार को रोहतक में अपने आवास पर मिले हुड्डा ने ऐसे लोगों को इशारों-इशारों में अनुशासन का पाठ पढ़ाया। दावा किया कि पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है। सैनी सरकार को हर मोर्चे पर फेल बताया और 10 में शून्य अंक ही दिए। प्रस्तुत है, अमर उजाला के नवीन सिंह पटेल से विशेष बातचीत|
कांग्रेस ने आपको चौथी बार सीएलपी लीडर चुना है। करीब एक साल बाद?
देखिए…विधानसभा चुनाव बाद ही सारे विधायकों ने लिखकर फैसला हाईकमान पर छोड़ दिया था। हाईकमान शायद चाहता था कि पहले जिला प्रधान का चुनाव हो जाए। 11 साल से यहां पार्टी का संगठन नहीं था। इसी कारण शायद इतना वक्त लग गया।
कांग्रेस को जब आपको ही यह दायित्व देना था तो इतना वक्त…।
(प्रतिवाद करते हुए) बताया न हमने…। पीसीसी को, संगठन को, सबको इकट्ठा करके राय लेना चाहते थे।
सीएलपी की कोठी भी आपने रखी हुई थी अपने पास…क्या पता था कि आपको ही मिलेगी?
नहीं, ऐसी कोई बात नहीं थी। हमने तो सरकार को मार्केट रेट का किराया देने की बात कही है।
नहीं, ऐसी कोई बात नहीं थी। हमने तो सरकार को मार्केट रेट का किराया देने की बात कही है।
आधिकारिक सीएलपी लीडर बनने के बाद किन मुद्दों पर फोकस रखेंगे?
हम तो पहले से ही सारे मामले उठाते आए हैं। आगे भी कहेंगे कि सरकार सारे मामलों में फेल है। कानून व्यवस्था हो, बेरोजगारी, महंगाई या किसानों की तकलीफ की बात…सरकार का कोई फैसला जनहित का नहीं है।
हम तो पहले से ही सारे मामले उठाते आए हैं। आगे भी कहेंगे कि सरकार सारे मामलों में फेल है। कानून व्यवस्था हो, बेरोजगारी, महंगाई या किसानों की तकलीफ की बात…सरकार का कोई फैसला जनहित का नहीं है।
प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह बन गए और आप सीएलपी…क्या कांग्रेस की आंतरिक समस्याएं खत्म हो पाएंगी?
संगठन मजबूत हो गया है। जिले के प्रधान बने हैं। ब्लॉक और बूथ लेवल तक जाएंगे। पार्टी आगे बढ़ेगी।
संगठन मजबूत हो गया है। जिले के प्रधान बने हैं। ब्लॉक और बूथ लेवल तक जाएंगे। पार्टी आगे बढ़ेगी।
कैप्टन अजय यादव ने राव नरेंद्र को अध्यक्ष बनाने पर सवाल उठा दिया। पूर्व मंत्री संपत सिंह कह रहे हैं कि भजनलाल के बाद कांग्रेस को कमजोर करने वाले को ही फिर कमान सौंप दी?
यह अपना-अपना विचार है। विचारों का मतभेद हो सकता है, मनभेद नहीं हो सकता कांग्रेस में।
क्या ऐसी सार्वजनिक टिप्पणियों से कांग्रेस मजबूत होती है?
देखिए…जो भी कांग्रेस का अनुशासित कार्यकर्ता है वह सार्वजनिक रूप से टिप्पणी नहीं करता है। बाकी जिसकी जैसी इच्छा है…करता है।
देखिए…जो भी कांग्रेस का अनुशासित कार्यकर्ता है वह सार्वजनिक रूप से टिप्पणी नहीं करता है। बाकी जिसकी जैसी इच्छा है…करता है।
सब कहते हैं कांग्रेस में कई गुट हैं…
यह आपको (मीडिया) को लगता है कि कांग्रेस में कई गुट हैं। हरियाणा में कांग्रेस एक थी, एक है और एक ही रहेगी। और देखिए…पिछला चुनाव हम हारे भले ही लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि कांग्रेस को 12 फीसदी वोट ज्यादा मिला। हमारी हार सिर्फ आधा फीसदी वोट से हुई है। यह भी ईवीएम आदि के कारण। इतना वोट कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मेहनत की बदौलत ही मिला है।
यह आपको (मीडिया) को लगता है कि कांग्रेस में कई गुट हैं। हरियाणा में कांग्रेस एक थी, एक है और एक ही रहेगी। और देखिए…पिछला चुनाव हम हारे भले ही लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि कांग्रेस को 12 फीसदी वोट ज्यादा मिला। हमारी हार सिर्फ आधा फीसदी वोट से हुई है। यह भी ईवीएम आदि के कारण। इतना वोट कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मेहनत की बदौलत ही मिला है।
इनेलो नेता तो आपको भाजपा की बी-टीम बताते हैं।
जो खुद बी-टीम हैं, वह कुछ भी कहते रहें। इनेलो, जजपा…इनका सारा सच जनता के सामने है। सबने देखा है कि किसने-किसके साथ कैसे सरकार बनाई-चलाई। किसने राज्यसभा में और उपराष्ट्रपति के चुनाव में किसे वोट दिया। जनता सब जानती है..।
जो खुद बी-टीम हैं, वह कुछ भी कहते रहें। इनेलो, जजपा…इनका सारा सच जनता के सामने है। सबने देखा है कि किसने-किसके साथ कैसे सरकार बनाई-चलाई। किसने राज्यसभा में और उपराष्ट्रपति के चुनाव में किसे वोट दिया। जनता सब जानती है..।
कांग्रेस नेता चौधरी बृजेंद्र सिंह सद्भावना यात्रा निकालने जा रहे हैं। आप शामिल होंगे?
मेरी कोई बात नहीं हुई उनसे। यह कोई पार्टी का कार्यक्रम होगा तो शामिल भी होंगे।…और अपने व्यक्तिगत काम करने के सबके अपने-अपने तरीके हैं।
मेरी कोई बात नहीं हुई उनसे। यह कोई पार्टी का कार्यक्रम होगा तो शामिल भी होंगे।…और अपने व्यक्तिगत काम करने के सबके अपने-अपने तरीके हैं।
सैनी सरकार कहती है कि बगैर खर्ची-पर्ची के 60,000 को नौकरी दी है।
हकीकत तो यह है कि इनकी सरकार में हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएसपी) के दफ्तर से करोड़ों रुपये पकड़े गए। वह बात छुपाने के लिए खर्ची-पर्ची की बातें करते हैं। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के चेयरमैन को भी गड़बड़ियों पर संज्ञान लेना पड़ा।
हकीकत तो यह है कि इनकी सरकार में हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएसपी) के दफ्तर से करोड़ों रुपये पकड़े गए। वह बात छुपाने के लिए खर्ची-पर्ची की बातें करते हैं। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के चेयरमैन को भी गड़बड़ियों पर संज्ञान लेना पड़ा।
कितने अंक देते हैं सैनी सरकार को?
कितने में…10 में? …तो भाई जीरो। इससे कम दे नहीं सकता।…सरकार ने 2014 के बाद एक पोल नहीं लगाया, एक इंच रेलवे लाइन नहीं बढ़ाई, एक एजुकेशन की बड़ी संस्था लेकर नहीं आ पाए। जो चीजें हमने शुरू की थीं, उन्हें भी पूरा नहीं कर पा रहे।
कितने में…10 में? …तो भाई जीरो। इससे कम दे नहीं सकता।…सरकार ने 2014 के बाद एक पोल नहीं लगाया, एक इंच रेलवे लाइन नहीं बढ़ाई, एक एजुकेशन की बड़ी संस्था लेकर नहीं आ पाए। जो चीजें हमने शुरू की थीं, उन्हें भी पूरा नहीं कर पा रहे।
एजेएल प्लॉट आवंटन में सीबीआई आपके खिलाफ ट्रायल पर लगी रोक हटाने कोर्ट गई है। इसे कैसे देखते हैं?
यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए उस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। हां, राजनीतिक प्रतिशोध से कोई काम नहीं होना चाहिए।
यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए उस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। हां, राजनीतिक प्रतिशोध से कोई काम नहीं होना चाहिए।
आप कहते हैं कि सरकार कोई काम नहीं कर रही पर सड़क पर नहीं दिखते कांग्रेसी?
सड़क पर संघर्ष न करने की कहानियां तो मीडिया गढ़ती है। हम तो लगातार यहीं रहते हैं। जनता ने सरकार में भेजा तो वहां अच्छा काम किया। विपक्ष में भी अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभाएंगे। आगे भी देखिएगा कांग्रेसी सड़कों पर दिखेंगे।
सड़क पर संघर्ष न करने की कहानियां तो मीडिया गढ़ती है। हम तो लगातार यहीं रहते हैं। जनता ने सरकार में भेजा तो वहां अच्छा काम किया। विपक्ष में भी अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभाएंगे। आगे भी देखिएगा कांग्रेसी सड़कों पर दिखेंगे।
सरकार ने किसानों को पोर्टल में फंसा रखा है
बारिश में बर्बाद किसानों को प्रदेश सरकार पंजाब जितना मुआवजा भी नहीं दे रही। खरीद भी अटकी हुई है…। .
बारिश में बर्बाद किसानों को प्रदेश सरकार पंजाब जितना मुआवजा भी नहीं दे रही। खरीद भी अटकी हुई है…। .
यह विफल सरकार है। सरकार ने किसान को पोर्टल में फंसा रखा है। पोर्टल में क्षतिपूर्ति करो, पोर्टल से अनाज मंडी में ले जाओ। लाखों टन आवक हो चुकी है लेकिन उठान कम हुआ है। किसान भुक्तभोगी हैं। किसान को धान पर 400-500 एमएसपी भी कम मिल रहा है।

