शिवपुरी नगर पालिका में 3 सालो में 57 करोड़ का घोटाला। 3 सीएमओ सस्पेंड और अध्यक्ष पर कार्यवाई की तलवार.

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नगरपालिका शिवपुरी में राजनीति घमासान के चलते अभी तक के सबसे बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। इसमें मुख्य भूमिका आयुक्त नगर निकय और विकास विभाग के आईएएस साकेत भोंडावे की रही है.कलेक्टर शिवपुरी आर.के. चौधरी के जांच प्रतिवेदन के आधार पर साकेत भोडवे ने दो पूर्व सीएमओ शैलेश अवस्थी और केशव सिंह सागर तथा वर्तमान पदस्त सीएमओ इशांक धाकड़ को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया .तथा तीनो के कार्यकाल की जांच बैठा दी. सस्पेंशन के समय में सीएमओ अवस्थी और केशव सिंह को इंदौर तथा इशांक धाकड़ को ग्वालियर अटैच किया गया।
वही नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती गायत्री शर्मा पर आईएएस भोडवे ने कार्यवाही के संकेत दे दिए हैं। क्योकी श्रीमती शर्मा के 3 साल के कार्यकाल में नगर पालिका की सीमा के बाहर भृस्टाचार की गूंज बहार आई है.
गौरतलब है कि फर्जी नोक टैंकर चोरी और 16 लाख का गबन। गबन के मामले में आरोपित ठेकेदार अर्पित शर्मा (जो 10000 का इनामी होकर भी अभी फरार है। और उसका गिरफ्तारी वारंट कोर्ट से पुलिस इशू करा रही है।)
ये मामला टैब खुला हुआ जबकी विरोधी समूह के उपाध्यक्ष श्रीमती सरोज व्यास के पति रामजी व्यास ने अध्यक्ष गायत्री शर्मा को पदच्युत करने के लिए 18 पार्षदों के साथ इस्तीफा देने की योजना बनाई।
लेकिन उनकी प्लानिंग धाराशायी हो गई, क्योंकि अध्यक्ष गायत्री शर्मा, श्रीमंत सिंधिया, मतलब महल की कृपापत्र हैं। कुछ पार्षद ने महल के आदेश पर तत्काल अपना रुख बदला और अध्यक्ष का समर्थन किया। श्रीमती व्यास के पति रामजी व्यास की महात्वाकांक्षा फिर से अँधेरे में रह गई। और विरोधी पार्षद मुँह ताकते रह गए। खेल सारा मलाई का है .जिसको मिली चाटने को वो खुश और जिसको नहीं मिली तो वो तो failayega .लेकिन राजनीतिक युद्ध में करोड़ो का घोटाला सामने आ गया।

जिला कलेक्टर आर.के. चौधरी ने नगर पालिका के तीन साल के कार्यकाल की गहनता से जांच की तो बहुत सी वित्तिय अनियामित्ताए पाई गई।जांच में पता चला कि 2022 से अभी तक 743 कार्यकर्ता स्वीकरत किये गये और उनकी कुल लागत 54.80 करोड़ रुपये आंकी गयी।कुछ ठीकेदारों को एक या दो महीने में पूरा भुगतान कर दिया गया और कुछ ठेकेदार अभी भी चक्कर लगा रहे हैं।

अध्यक्ष की कार्यशैली को लेकर 18 पार्षदों ने उपाध्‍यक्ष सहित सामुहिक इस्तिफा दे दिया .जिसमे 12 भाजपा 4 कांग्रेस और 2 पार्षद निर्दलिय हैं.गौरतलब है कि बजट प्रबंधन को नजरंदाज करते हुए करोड़ों का भुगतान कर दिया गया है।और अध्यापक ने फाइलों का संचालन अपने निवास में किया। तथा जहां से 1 – 1 का चरणो में फ़र्जी भुगतान किया गया . ये सब जांच में पया गया। जहां वार्डों में कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ वहां निर्माण कार्य दिखा कर फर्जी भुगतान कर दिया गया।जिसमे उपध्याक्ष श्रीमती व्यास का वार्ड भी शामिल है।नगर पालिका शिवपुरी में अधिकारियो से लेकर संविदा कर्मचारी तक कमीशन खोरी के लिए जगत प्रसिद्ध हैं
केंद्रीय मंत्री और सांसद ज्योति रादित्य सिंधिया भी मामले में गंभीर दिखायी दे रहे हैं. और नगरिया प्रशासन विकास विभाग आयुक्त श्री भोडावे ने इशारा किया है कि जांच के दयारे में अभी भी कुछ अन्य नगरपालिका कर्मचारी भी शामिल हैं।

आज की खबर – कलेक्टर शिवपुरी ने 18 पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे को खारिज किया।
नगर पालिका अध्यक्ष को हटाने की मुहिम फेल हुई।

शिवपुरी से ब्यूरो चीफ रिपोर्टर दिनेश भार्गव ‘हिमांक’ की विशेष रिपोर्ट।

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Author: planetnewsindia

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