Donald Trump: ‘मुझे नहीं लगता कि हमने…’; ‘भारत को चीन के हाथों खो दिया’ वाले पोस्ट पर बोले राष्ट्रपति ट्रंप|

Picture of ILMA NEWSINDIA

ILMA NEWSINDIA

SHARE:

तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में भारत, रूस और चीन के एक साथ आने के कुछ दिनों बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट की, जिसमें कहा गया कि अमेरिका ने ‘रूस और भारत को चीन के हाथों खो दिया है।’

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ट्रुथ सोशल पर अपने उस पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने ‘भारत और रूस को चीन के हाथों खोने’ की बात कही थी। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं है कि ऐसा हुआ है। व्हाइट हाउस में एएनआई को जवाब देते हुए ट्रंप ने भारत की ओर से रूसी तेल खरीदने पर निराशा भी जताई और अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ का बचाव भी किया।

जब उनसे पूछा गया कि चीन के हाथों भारत को खोने के लिए वह किसे जिम्मेदार मानते हैं? तो अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि हमने ऐसा किया है। मुझे इस बात से बहुत निराशा हुई है कि भारत रूस से इतना तेल खरीदेगा। मैंने उन्हें यह बता दिया है। हमने भारत पर बहुत बड़ा टैरिफ लगाया है- 50 प्रतिशत, बहुत ज्यादा टैरिफ। जैसा कि आप जानते हैं, मेरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं। वह कुछ महीने पहले यहां आए थे, हम रोज गार्डन भी गए थे और एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।’

‘लगता है हमने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया’
इससे पहले तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में भारत, रूस और चीन के एक साथ आने के कुछ दिनों बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट की, जिसमें कहा गया कि अमेरिका ने ‘रूस और भारत को सबसे गहरे और अंधकारमय चीन के हाथों खो दिया है।’ उन्होंने लिखा, ‘लगता है हमने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया है। ईश्वर करे कि उनका भविष्य एक साथ लंबा और समृद्ध हो!’

पीटर नवारो और केविन हैसेट ने क्या कहा?
इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार और विनिर्माण मामलों के वरिष्ठ सलाहकार पीटर नवारो ने अपनी हालिया टिप्पणियों में भारत पर रूसी तेल से मुनाफाखोरी का बेतुका आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारत के टैरिफ से अमेरिकियों की नौकरियां जा रही हैं। इसके अलावा शुक्रवार को ही व्हाइट हाउस के आर्थिक सलाहकार केविन हैसेट ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी व्यापार टीम भारत की ओर से रूसी कच्चे तेल के निरंतर आयात से निराश हैं, लेकिन उन्होंने सकारात्मक प्रगति की उम्मीद जताई।

भारत का क्या रुख?
इस बीच विदेश मंत्रालय (MEA) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने भारत, रूस और चीन का जिक्र किया था। भारत-अमेरिका व्यापार के मोर्चे पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि भारत व्यापारिक मुद्दों पर अमेरिका के साथ लगातार संपर्क में है। अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जिसमें रूसी तेल आयात पर 25 प्रतिशत जुर्माना भी शामिल है। भारत सरकार ने पहले कहा था कि किसी भी देश के साथ भारत के संबंध उसकी अपनी योग्यता पर आधारित होते हैं और उन्हें किसी तीसरे देश के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।

ILMA NEWSINDIA
Author: ILMA NEWSINDIA

सबसे ज्यादा पड़ गई