
इन दिनों उत्तर भारत भीषण बारिश और बाढ़ की मार झेल रहा है। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक हालात गंभीर बने हुए हैं। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, पंजाब और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन अस्त-व्यस्त है। कहीं सड़कें टूटी हैं, कहीं घर ढहे हैं तो कहीं नदी-नाले उफान पर हैं। लोग दहशत में हैं और सरकारें राहत व बचाव कार्यों में जुटी हैं, लेकिन मुश्किलें अभी भी कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हिमाचल में भारी बारिश-भूस्खलन से तबाही के बीच शुक्रवार को शिमला समेत कई क्षेत्रों में मौसम खुला, लेकिन दुश्वारियां अभी बरकरार हैं। कुल्लू और चंबा में पांच और शव बरामद किए गए हैं। कुल्लू में पांच लोग अभी मलबे में दबे हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री भूस्खलन की चपेट में आए घरों के मलबे में दबे लोगों के परिजनों से मिले और हर संभव मदद को भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि मलबे में दबकर जिन लोगों की माैत हुई है, उनके शव हेलिकाप्टर से कश्मीर पहुंचाए जाएंगे। उधर, किन्नौर जिले के पूह खंड के लिप्पा गांव के साथ लगती पेजर खड्ड में वीरवार दोपहर को अचानक बाढ़ आने कृत्रिम झील बन गई है। इसका पानी बढ़ने से ग्रामीण दहशत में हैं। बाढ़ के चलते कई घरों, पेयजल स्रोतों, कूहलों और सेब के हजारों पौधों को भारी क्षति पहुंची है।बारिश और भूस्खलन के चलते तीन नेशनल हाईवे समेत प्रदेश भर में अभी भी 1087 सड़कें अवरुद्ध हैं। मंडी से कुल्लू के बीच अवरुद्ध चंडीगढ़-मनाली हाईवे शुक्रवार दोपहर को पांच दिन बाद बहाल हो गया है। कुल्लू की तरफ सबसे पहले मालवाहक वाहनों को प्राथमिकता दी गई। ये वाहन कई दिनों से फंसे थे। हाटकोटी-पांवटा एनएच भी सात दिन बाद बहाल हो गया है। विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर पांच दिन बाद शनिवार से ट्रेनें फिर से दौड़ना शुरू हो जाएंगी। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार शनिवार और रविवार को कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है। अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ रहने की संभावना है। सोमवार से फिर मौसम बिगड़ेगा। मौसम विभाग ने 8 और 9 सितंबर का भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।