कानपुर में जमीन से जुड़े विवादित मामले में एसआईटी को पुलिस और केडीए कर्मियों की संलिप्तता के पुख्ता सबूत मिले हैं। इसी आधार पर एसआईटी ने तीन डिप्टी एसपी, एक इंस्पेक्टर और केडीए के पूर्व सचिवों को बयान दर्ज कराने के लिए दोबारा नोटिस जारी किया है। उन्हें सात दिन का समय दिया गया है।

पहले नहीं पहुंचे थे अफसर
29 और 30 अगस्त को ही इन अफसरों को बुलाया गया था, लेकिन कोई भी उपस्थित नहीं हुआ। एसआईटी की जांच में सामने आया कि अखिलेश दुबे और उसके साथियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में कई पुलिसकर्मी, प्रशासनिक अधिकारी और केडीए कर्मचारी सीधे तौर पर शामिल रहे हैं। गवाहों और शिकायतकर्ताओं के बयानों ने इस संलिप्तता की पुष्टि की है।
किन नामों का आया खुलासा
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डिप्टी एसपी: ऋषिकांत शुक्ला (हरदोई), विकास कुमार पांडेय (लखनऊ कमिश्नरी), संतोष सिंह (मैनपुरी)
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इंस्पेक्टर: आशीष द्विवेदी (मेडिकल पर गैरहाजिर)
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पूर्व सचिव, केडीए: एमके सोलंकी (वर्तमान में बस्ती विकास प्राधिकरण में तैनात), कश्यपकांत दुबे
दूसरी बार भेजा गया नोटिस
कमिश्नरी पुलिस के स्टाफ ऑफिसर राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि सभी अफसरों को दोबारा नोटिस दिया गया है और सात दिन के भीतर बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
‘पहले आरोप पत्र लाओ’
सूत्रों के अनुसार, नोटिस मिलने पर एक डिप्टी एसपी ने यहां तक कह दिया कि वे बिना आरोप पत्र देखे बयान नहीं देंगे। उनका कहना था कि पहले आरोप पत्र पेश किया जाए, उसके बाद ही वे जवाब देंगे।