भदोही जिले में निवेशकों से करोड़ों की ठगी करने वाली एक फर्जी वित्तीय कंपनी का भंडाफोड़ हुआ है। कोतवाली पुलिस ने वेरी वेल म्यूचुअल बेनिफिट निधि लिमिटेड के 15 निदेशकों के खिलाफ वित्तीय धोखाधड़ी और गबन का मुकदमा दर्ज किया है।

कैसे हुआ खुलासा?
29 जून को दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया कि कंपनी ने खाता धारकों को पैसा दोगुना करने का लालच दिया और करीब 30 निवेशकों से 9.29 करोड़ रुपये वसूल लिए। जब निवेशकों की एफडी और आरडी की अवधि पूरी हुई और वे पैसा निकालने पहुंचे, तो कंपनी का दफ्तर बंद मिला।
जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
क्राइम ब्रांच की जांच में पाया गया कि कंपनी का कोई वैध बैंक खाता नहीं था। ग्राहकों से जमा धन को आधिकारिक खाते में जमा करने के बजाय माइक्रो क्रेडिट फ़ाउंडेशन नाम से इंडियन बैंक में एक खाता खोला गया, जिसमें मात्र 80 हजार रुपये ही मिले।
कंपनी के पीछे कौन?
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कंपनी प्रमुख कृपा शंकर की मृत्यु के बाद
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उनकी पत्नी आशा देवी, बेटे रवि आनंद, अक्षय, सूरज और अमन
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निदेशक सुहैल अहमद, आनंद श्रीवास्तव, दया शंकर, विमलेश मौर्य, रमेश मौर्य, वेद प्रकाश, राकेश वर्मा, सूबेदार पाल और सुरेश यादव
ने मिलकर निवेशकों को झांसा दिया।
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पुलिस की कार्रवाई
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एसपी अभिमन्यु मांगलिक के निर्देश पर मामला दर्ज
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तीन सदस्यीय टीम गठित कर आरोपियों की गिरफ्तारी की कवायद शुरू
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आरोपी ज्ञानपुर, गोपीगंज और सुरियावां इलाके के रहने वाले