Hockey Asia Cup 2025: बिहार के हॉकी सितारे अजितेश रॉय की जुबानी, 2009 एशिया कप की यादें और 2025 की उम्मीदें

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मेजर ध्यानचंद की जयंती पर 29 अगस्त को भारत का खेल दिवस होता है। खेल दिवस पर आज बिहार में हॉकी का एशिया कप शुरू हो रहा है। इस मौके पर हॉकी खिलाड़ी रहे कोच और कॉमेंटेटर योगेश कुमार ने ‘अमर उजाला’ के लिए विभाजित बिहार के पहले और इकलौते अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अजितेश कुमार से खास बातचीत की।

विस्तार

2009 पुरुष हॉकी एशिया कप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले बिहार के युवा खिलाड़ी अजितेश रॉय के लिए वह टूर्नामेंट आज भी उनके करियर का एक सुनहरा अध्याय है। विभाजित बिहार के पहले और एकमात्र अंतराष्ट्रीय खिलाड़ी ने हाल ही में योगेश के साथ बातचीत में उस टूर्नामेंट की यादों, चुनौतियों और भारतीय हॉकी के बदलते परिदृश्य पर खुलकर बात की। साथ ही, 2025 में बिहार के राजगीर में होने वाले हॉकी एशिया कप की मेजबानी को लेकर भी उन्होंने अपने गर्व और उत्साह को साझा किया।

2009 एशिया कप: एक गर्व का पल
अजितेश के लिए 2009 का एशिया कप उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव था। भारतीय जर्सी पहनकर मैदान पर उतरना उनके लिए सपने के सच होने जैसा था। “यह मेरे लिए अविस्मरणीय और गर्व का क्षण था। संदीप सिंह, प्रभजोत सिंह और राजपाल सिंह जैसे सीनियर खिलाड़ियों के साथ खेलना मेरे लिए बहुत बड़ी सीख थी,” अजितेश ने बताया।

पाकिस्तान के खिलाफ रोमांचक सेमीफाइनल
2009 के एशिया कप में भारत-पाकिस्तान का सेमीफाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। अजितेश ने इस मैच को याद करते हुए कहा, “हम 2-2 की बराबरी पर थे, और लग रहा था कि मैच अतिरिक्त समय में जाएगा। लेकिन आखिरी मिनट में हुआ गोल हमारी हार का कारण बना।” पाकिस्तान के स्टार खिलाड़ी सोहैल अब्बास और रेहान बट ने अपनी ड्रैग-फ्लिक और फील्ड गोल की क्षमता से भारतीय रक्षापंक्ति को कड़ी चुनौती दी। अजितेश ने पाकिस्तान के गोलकीपर की तारीफ करते हुए कहा, “उनके तेज रिफ्लेक्सेस ने हमें कई मौकों पर गोल करने से रोका।”

टीम इंडिया का प्रदर्शन और सीख
अजितेश ने टूर्नामेंट में भारतीय टीम के प्रदर्शन को सराहा, लेकिन सेमीफाइनल की हार को एक महत्वपूर्ण सबक बताया। “पूल मैचों में हमारा प्रदर्शन शानदार था, लेकिन सेमीफाइनल में कुछ रक्षात्मक कमजोरियां हमारी हार का कारण बनीं। फिर भी, यह एक सीखने वाला अनुभव था,” उन्होंने कहा। जापान के खिलाफ 3-2 से मिली जीत को अजितेश अपने करियर का एक खास पल मानते हैं, जिसने टीम को सेमीफाइनल के लिए आत्मविश्वास दिया।

सीनियर खिलाड़ियों का मार्गदर्शन
अजितेश ने सीनियर खिलाड़ियों के सहयोग को असाधारण बताया। “ दिलीप तिर्की (वर्तमान अध्यक्ष हॉकी इंडिया), संदीप सिंह और प्रभजोत सिंह जैसे खिलाड़ी हमें हमेशा प्रोत्साहित करते थे। हार के बाद भी वे हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देते थे,” उन्होंने कहा। कोच हरेंद्र सिंह की कोचिंग को भी उन्होंने सराहा, जिनका अनुशासन और व्यक्तिगत रणनीति बनाने का तरीका टीम के लिए प्रेरणादायक था।

2009 से 2025: हॉकी का बदलता चेहरा
2009 की हॉकी और 2025 की हॉकी में बड़े बदलावों को रेखांकित करते हुए अजितेश ने कहा, “खिलाड़ियों के व्यक्तिगत स्किल पर ज्यादा निर्भर थे, लेकिन अब भारतीय टीम एक संपूर्ण टीम के रूप में खेलती है। रक्षापंक्ति मजबूत हुई है, फिटनेस का स्तर बढ़ा है, और खेल की गति में सुधार हुआ है।” बेहतर कोचिंग, सुविधाएं और तकनीक ने भारतीय हॉकी को विश्व स्तर पर और प्रतिस्पर्धी बनाया है।

बिहार से भारतीय टीम तक का सफर
बिहार से निकलकर भारतीय टीम तक पहुंचना अजितेश के लिए आसान नहीं था। “उस समय बिहार में एस्ट्रोटर्फ मैदान और आधुनिक सुविधाओं की कमी थी। मैं मिट्टी के मैदानों पर अभ्यास करता था। लेकिन मेरे परिवार, बड़ी बहन अरुणिमा और कोच के समर्थन ने मुझे आगे बढ़ाया,” उन्होंने बताया। बिहार में अब बन रहे नए स्टेडियम और सुविधाओं को देखकर उन्हें बेहद खुशी है।

2025 हॉकी एशिया कप: बिहार का गर्व 
2025 में बिहार के राजगीर में होने वाले हॉकी एशिया कप की मेजबानी को अजितेश एक ऐतिहासिक पल मानते हैं। “जब मैंने हॉकी शुरू की थी, तब बिहार में ऐसे टूर्नामेंट की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। राजगीर का विश्वस्तरीय स्टेडियम बिहार के खेल-भविष्य का प्रतीक है,” उन्होंने गर्व के साथ कहा। भारतीय टीम की तैयारियों को लेकर उत्साहित अजितेश ने कहा, “हरमनप्रीत, हार्दिक और अमित रोहिदास जैसे खिलाड़ियों के साथ हमारी टीम मजबूत है। घरेलू दर्शकों का समर्थन हमें खिताब जीतने के लिए प्रेरित करेगा।”

बिहार सरकार को धन्यवाद
अजितेश ने बिहार सरकार को इस ऐतिहासिक पहल के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह टूर्नामेंट बिहार के युवाओं में हॉकी के प्रति नया जुनून जगाएगा। राजगीर का स्टेडियम और यह आयोजन बिहार को भारत के खेल मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान दिलाएगा। मैं माननीय मुख्यमंत्री, खेल मंत्री और बिहार खेल प्राधिकरण के महानिदेश रवींद्रन शंकरण का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। 2009 के एशिया कप की यादों से लेकर 2025 के टूर्नामेंट की उम्मीदों तक, अजितेश रॉय की कहानी बिहार के हॉकी प्रेमियों के लिए प्रेरणा है। राजगीर में होने वाला यह टूर्नामेंट न केवल बिहार के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगा, बल्कि युवा खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय मंच पर चमकने का मौका देगा।

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Author: SADAF NEWSINDIA

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