पंचायत सचिव नागेंद्र सिंह की ओर से पालीमुकीमपुर थाने में तहरीर दी गई। इस तहरीर व उनके द्वारा दिए गए विवरण के अनुसार हैकरों ने उनके द्वारा जारी किए जाने वाले जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की आईडी हैक कर 15 से 18 अगस्त के बीच में उत्तर प्रदेश सहित दस राज्यों के लोगों के 597 जन्म प्रमाण पत्र बना दिए।

हैकरों ने अलीगढ़ जिले में एक बड़े कारनामे को अंजाम देकर दस राज्यों के 597 लोगों के फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी कर दिए। इस कारनामे को विकास खंड बिजौली के गांव दत्ताचोरी बुजुर्ग के ग्राम पंचायत सचिव की आईडी को हैक करके अंजाम दिया गया। मामला संज्ञान में आने पर पंचायत सचिव की तहरीर पर साइबर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जिसमें कुछ मोबाइल नंबरों के सहारे पुलिस टीम हैकरों के कंप्यूटरों के आईपी एड्रेस पता लगाने में जुटी है।
इस संबंध में पंचायत सचिव नागेंद्र सिंह की ओर से पालीमुकीमपुर थाने में तहरीर दी गई। इस तहरीर व उनके द्वारा दिए गए विवरण के अनुसार हैकरों ने उनके द्वारा जारी किए जाने वाले जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की आईडी हैक कर 15 से 18 अगस्त के बीच में उत्तर प्रदेश सहित दस राज्यों के लोगों के 597 जन्म प्रमाण पत्र बना दिए। वहीं 150 जन्म प्रमाण पत्र अप्रूव नहीं हो सके। जिसमें सर्वाधिक बिहार के 213 लोगों के जन्म प्रमाण पत्र बने, जबकि यूपी के बस्ती जिले के सर्वाधिक 66 लोगों के जन्म प्रमाण पत्र दिए गए।
आईडी हैक के मामले में जांच कराने के आदेश दे दिए गए हैं। इसमें अगर किसी की संलिप्तता पाई गई, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जन्म-मृत्यु पंजीकरण की आईडी के पासवार्ड को साझा न करें और पासवर्ड को मजबूत बनाएं, ताकि उसे हैक न किया जा सके।-यतेंद्र सिंह, डीपीओ, अलीगढ़
मामला बेहद संगीन है। इसकी तहरीर के आधार पर पहले साइबर क्राइम से जांच कराई जा रही है। जिसके लिए सीओ क्राइम को निर्देशित किया गया है। उनकी जांच रिपोर्ट मिलने, लोकेशन व डिटेल मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।-अमृत जैन, एसपी देहात
इस तरह बनाए प्रमाण पत्र
हैकरों ने बिहार के दरभंगा, भागलपुर, बक्सर, नवादा, बंका, बेगूसराय, औरंगाबाद, समस्तीपुर जिले के 213, असम के बंगाईगांव, विश्वनाथ, चराईदेव, चाचर के 43, छत्तीसगढ़ के 12, आंध्रप्रदेश के चित्तूर के 23, चंडीगढ़ के 19, हरियाणा के 11, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, के 9-9, झारखंड के 8 लोगों के जन्म प्रमाण पत्र बना दिए। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के 66 लोगों के सर्वाधिक प्रमाण पत्र बने। आजमगढ़, रायबरेली, कानपुर देहात में 11-11, प्रतापगढ़ में 23, बिजनौर, शाहजहांपुर, गाजियाबाद, गोरखपुर, गाजीपुर, औरैया, जौनपुर में 8-8, सिद्धार्थनगर में 6, हापुड़, संतकबीर नगर, बलरामपुर, जौनपुर में 6-6, खीरी, गौरा, आंबेडकरनगर, अमेठी, में 5-5, गौतमबुद्धनगर में 14, अलीगढ़ में 11, रायबरेली, कानपुर में 3-3 बलिया में 6, हाथरस, फतेहपुर में 2-2 लोगों के प्रमाण पत्र बने हैं।
हैकरों ने नंबर बदल-बदलकर मेसेज किए
ग्राम पंचायत अधिकारी नागेंद्र सिंह ने बताया कि 14 अगस्त 2025 को ग्राम पंचायत की जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अपनी आईडी खोली तो मेसेज ‘डियर यूजर द लिंक ऑफ फॉरगेट पासवर्ड हैज बीन सेंड ऑन योर रजिस्टर्ड ईमेल आईडी’ दिख रहा था। मगर मेरी ईमेल आईडी पर मेसेज नहीं पहुंच रहा था। फिर 15 से 17 तक सरकारी अवकाश रहा, जबकि 18 अगस्त को वे खुद मेडिकल अवकाश पर थे। मगर 18 अगस्त को रात 8:46 पर मोबाइल नंबर- 8630927260 से मेसेज आया कि बर्थ सर्टिफिकेट चाहिए, मिल जाएगा क्या? उसके बाद दूसरे मोबाइल नंबर 7479432129 से संदेश आया कि आप ग्राम पंचायत दत्ताचोली बुजुर्ग के सचिव हो। इसी मोबाइल नंबर से एक फर्जी जन्म प्रमाण की पीडीएफ बनाकर डाली गई। फिर तीसरे मोबाइल नंबर 9507420795 से व्हाट्सएप व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से बातें हुईं तो रुपये देकर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के लिए कह रहा था और स्वयं को आजमगढ़ का निवासी बता रहा था।
जब मैंने हैकर द्वारा भेजे गए पीडीएफ वाले जन्म प्रमाण पत्र का सत्यापन किया तो वह मेरी आईडी से बना हुआ था। इसकी जानकारी 18 अगस्त को रा 10:25 बजे मैने अपने सभी उच्चाधिकारी और सहायक विकास अधिकारी (पं0) व खंड विकास अधिकारी (बिजौली), ईडीएम, डीपीएम, एडीपीएम आदि को फोन के माध्यम से उपलब्ध करा दी। उन्होंनेे कहा कि 19 अगस्त को प्रात: 10 पर ईडीएम कार्यालय जाकर आईडी चेक करायी तो उस पर मोबाइल नंबर 8797365397 था, जो उनका नहीं था। 15 से 19 तक हैकर द्वारा फर्जी तरीके से 597 जन्म प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं।
14 अगस्त को ही दे दी थी आईडी बदलने की सूचना
खुद नागेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने आखिरी जन्म प्रमाण पत्र 11 अगस्त को बनाया था। इसके बाद 13 अगस्त को जरूरत हुई तो उनकी आईडी ओपन नहीं हो रही थी। मगर जब 14 अगस्त को उन्होंने पासवर्ड डाला तो उनके पास ओटीपी नहीं आया। इस पर वे परेशान हुए। उन्होंने 14 अगस्त को ही ईडीएम अलीगढ़ के कार्यालय में कार्यरत धीरज कुमार को देते हुए ई-मेल आईडी बदलने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। मगर 14 अगस्त को कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद यह कारनामा हुआ। बाद में 19 अगस्त को ईडीएम कार्यालय पहुंचकर उन्होंने अपनी आईडी सही कराई।
इन राज्यों के लोगों के बने जन्म प्रमाण पत्र
बिहार, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, असम, झारखंड, छत्तीसगढ़, त्रिपुरा, आंध्रप्रदेश, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश