जयपुर में ई-रिक्शा ड्राइवर की हत्या मामले का मुहाना थाना पुलिस ने सोमवार रात खुलासा किया। हत्या उसी की पत्नी ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर करवाई। हत्या से पहले इन्होंने गूगल पर चर्चित मर्डर स्टोरी भी देखी थी।

जयपुर में ई- रिक्शा ड्राइवर की हत्या के मामले में मुहाना पुलिस ने कल देर रात बड़ा खुलासा किया। हत्यारी ई- रिक्शा ड्राइवर की पत्नी निकली। पुलिस ने हत्या में उसका साथ देने के वाले उसके तीन दोस्तों को भी गिफ्तार किया है। सोशल मीडिया पर इस हत्या की पूरी प्लानिंग की गई थी। इसके लिए गूगल पर चर्चित कई मर्डर स्टोरी भी देखी। पूछताछ में खुलासा हुआ कि मृतक की पत्नी ने मारपीट व शक करने से परेशान होकर अपने दो दोस्तों की मदद से पति को मरवा डाला। डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज वर्मा ने बताया- हत्या के मामले में आरोपी संतोष देवी (30), उसके दोस्त ऋषि श्रीवास्तव (25) व मोहित शर्मा (22) को अरेस्ट किया गया है।
पत्नी ही हत्या की मास्टर माइंड
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार महिला संतोष देवी ही अपने पति मनोज की हत्या की मास्टर माइंड है। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने पति मनोज के उसके साथ मारपीट और शक करने से परेशान थी। पिछले कई महीनों से वह अपने दोस्त ऋषि व मोहित के साथ मिलकर पति मनोज की हत्या की प्लानिंग कर रही थी। पति को मारने के लिए सोशल मीडिया पर उसने हत्या करने और बचने के तरीके भी खोजे थे।
हत्या से पहले रेकी की
हत्यारों ने हत्या करने से पहले इलाके की पूरी रेकी भी की। साजिश के लिए नई सिम कार्ड भी काम में लिया साथ ही नए कपड़े खरीदे और हुलिया भी बदला। पुलिस ने बताया कि 16 अगस्त को प्लानिंग के तहत आरोपी मोहित ने मालपुरा गेट से मनोज का ई-रिक्शा किराए पर लिया। इस्कॉन मंदिर जाने के बहाने उसमें सवारी बनकर बैठ गया। सुमेर नगर की ओर मुडने पर राजावत फॉर्म हाउस के पीछे ऋषि भी वहां खड़ा मिल गया। दोनों ने मिलकर धारदार ब्लेड से ई-रिक्शा ड्राइवर मनोज का गला रेत कर हत्या कर फरार हो गए।
हत्या के बाद दोनों आरोपी पैदल भाग निकले। नए कपड़े खरीदकर अपना हुलिया बदला और साजिश में यूज सिम कार्ड का बंद कर दिया। हत्या के दौरान मृतक मनोज की पत्नी संतोष अपने दोनों साथियों के साथ जुड़ी हुई थी। पुलिस ने एफएसएल टीम की मदद से सबूत जुटाए। SHO (मुहाना) गुर भूपेन्द्र सिंह के नेतृत्व में एसआई वंदना, एएसआई प्रेमचंद और हेड कॉन्स्टेबल अभय सिंह, हंसराज व लोकेश की टीम बनाई गई। घटना स्थल सुनसान था और वहां सीसीटीवी नहीं था, लेकिन आसपास के रास्तों के फुटेज में मनोज के साथ एक अन्य व्यक्ति दिखाई दिया। फुटेज के आधार पर पुलिस को सफलता हाथ लगी तो हत्या का खुलासा हो सका।